सुशासन तिहार का असर: उज्ज्वला गैस कनेक्शन मिलने से बदली ग्राम धनरास की महिलाओं की जिंदगी

कोरबा, 02 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार अभियान का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगा है। कोरबा जिले के ग्राम धनरास की गृहिणी माधुरी के जीवन में इस पहल ने बड़ा बदलाव लाया है। वर्षों से लकड़ी के चूल्हे के धुएं और कठिनाइयों से जूझ रही माधुरी को अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा मिल गया है, जिससे उनका दैनिक जीवन आसान हो गया है।
माधुरी लंबे समय से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर थीं। रोजाना लकड़ी इकट्ठा करना, धुएं से होने वाली परेशानी और गर्मी के बीच खाना बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। दो छोटे बच्चों की देखभाल और मजदूरी करने वाले पति के सहयोग के बीच यह काम उनके लिए थकाऊ और समय लेने वाला था। कई बार उन्होंने गैस कनेक्शन लेने की कोशिश की, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह एकमुश्त राशि जमा नहीं कर सकीं।
सुशासन तिहार के तहत गांव में आयोजित शिविर की जानकारी मिलने के बाद माधुरी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन किया। आवेदन की जांच के बाद खाद्य विभाग ने उन्हें पात्र पाया और शिविर में गैस कनेक्शन वितरण के लिए आमंत्रित किया गया। इस दौरान उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्वयं उन्हें गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा प्रदान किया।
गैस कनेक्शन मिलने के बाद माधुरी ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें लकड़ी के चूल्हे की परेशानी से मुक्ति मिल गई है। उन्होंने बताया कि पहले अचानक खाना बनाना मुश्किल होता था, लेकिन अब लाइटर जलाते ही आसानी से भोजन तैयार किया जा सकता है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
माधुरी को यह गैस कनेक्शन पूरी तरह निःशुल्क दिया गया है। इसके साथ ही 100 दिन का रोजगार पूरा करने पर उन्हें जॉब कार्ड भी प्रदान किया गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।
शिविर के दौरान ग्राम धनरास की अन्य महिलाओं—कलिता बाई और नंदिनी वैष्णव—को भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और चूल्हा वितरित किया गया। दोनों महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें भी धुएं और लकड़ी की परेशानी से राहत मिलेगी।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित ऐसे शिविर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन को सरल बना रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और समय की भी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।




