रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग तेज, झेरिया यादव समाज ने आयोग अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

रायपुर/कोरबा। रावत जाति को केंद्रीय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति से मिला। प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर स्थित राज्य अतिथि गृह पहुना में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में तत्काल शामिल करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। ज्ञापन में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज के अनेक परिवार ‘रावत’ उपनाम का उपयोग करते हैं, लेकिन केंद्रीय ओबीसी सूची में नाम शामिल नहीं होने के कारण उन्हें केंद्र सरकार की नौकरियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में आरक्षण और अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
समाज के प्रदेश अध्यक्ष जगनीक यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा रावत जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने संबंधी अनुशंसा पहले ही भारत सरकार को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इससे समाज के युवाओं और विद्यार्थियों में निराशा का माहौल है।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष कहा कि यह केवल आरक्षण का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर समाज को उसका अधिकार प्रदान करे।
इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने समाज की मांग को न्यायसंगत बताते हुए आवश्यक पहल किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
यादव समाज ने चेतावनी दी है कि यदि रावत जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के संबंध में जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा तथा छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।





