नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा

कोरबा, 24 जुलाई 2026। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, कटघोरा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, ग्राम मसनियाडीह निवासी आरोपी बंटी धुवे (24 वर्ष) ने 5 जून 2022 को नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर मंडला (मध्यप्रदेश) ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ मारपीट भी की। घटना की जानकारी मिलने पर पीड़िता के परिजनों ने थाना बांगो में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्रीमती श्रद्धा शुक्ला की अदालत में हुई। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया।
न्यायालय ने आरोपी को धारा 363 एवं 366 के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 376 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड, तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत आजीवन सश्रम कारावास और 2,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को अपने प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास में रहना होगा। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) शोभन राम देवांगन ने प्रभावी पैरवी की।




