Chhattisgarh

रायगढ़ की दो शिक्षिकाओं को मिलेगा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान, 5 सितंबर को राज्यपाल करेंगे सम्मानित

रायगढ़, 4 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले की दो शिक्षिकाओं ओमकुमारी पटेल और आरती साहू को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता के लिए दोनों शिक्षिकाओं का चयन किया गया है। 5 सितंबर 2026 को राज्यपाल के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

दोनों शिक्षिकाएं वर्तमान में विकासखंड पुसौर के शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। वर्ष 2025 में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान की घोषणा की गई थी।

नवाचार और समर्पण की मिसाल हैं ओमकुमारी पटेल

ओमकुमारी पटेल ने 27 जून 2009 को शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की थी। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री और नवाचारी तरीकों से बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने पर जोर दिया।

उनके मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में विद्यार्थी निखिल साहू का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ। कोरोना काल में उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी और उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़ा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2020 में ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

विद्यालय विकास में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्होंने हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और विद्यालय उन्नयन के कार्य कराए। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन के बीच बच्चों की शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आरती साहू ने माताओं को विद्यालय से जोड़ा

आरती साहू ने 30 जून 2009 को शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की। वे शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को रोचक एवं नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रही हैं। साथ ही विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराती हैं।

खेलकूद, योग-व्यायाम, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से वे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देती हैं। उनकी प्रमुख पहल ‘माता उन्मुखी कार्य’ रही है। उन्होंने घर-घर संपर्क कर लर्निंग कॉर्नर तैयार कराया और माताओं को विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ा।

माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, स्थानीय त्योहार मनाने और समर कैंप जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया। इससे बच्चों की पढ़ाई में माताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हुआ। समर कैंप के माध्यम से बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है।

दोनों शिक्षिकाओं का लक्ष्य नवाचारी और रोचक शिक्षण के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल के हाथों मिलने वाला यह सम्मान उनके समर्पण और नवाचार को पहचान देने के साथ ही रायगढ़ जिले के लिए भी गौरव का विषय है।

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