मायावती का बड़ा ऐलान, बसपा अकेले लड़ेगी यूपी चुनाव; ईशान आनंद को मिली अहम जिम्मेदारी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपने चुनावी रुख को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. लखनऊ में बुधवार(23 सितंबर 2026) को हुई राष्ट्रीय बैठक में मायावती ने कहा कि मुकाबला त्रिकोणीय हो या चतुष्कोणीय, बसपा किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी. उन्होंने सभी सीटों पर मजबूत उम्मीदवारों के चयन के निर्देश दिए. बैठक में मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाने का ऐलान भी किया.
मायावती ने गठबंधन को लेकर साफ किया रुख
राष्ट्रीय बैठक में मायावती ने कहा कि बसपा यूपी के साथ उत्तराखंड और पंजाब में भी अपने संगठन और चुनावी तैयारियों पर फोकस करेगी. उन्होंने पार्टी नेताओं को सभी सीटों पर मजबूत प्रत्याशी तैयार करने के निर्देश दिए. मायावती ने कहा कि चुनावी मुकाबले की स्थिति चाहे जैसी हो, पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी.
ईशान आनंद बने राष्ट्रीय संयोजक
मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी है. इससे पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद इस पद पर थे. आकाश को सितंबर में पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाकर बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. ईशान को संगठन का काम समझने के लिए वरिष्ठ नेताओं राजाराम और रामजी गौतम के साथ काम करने की जिम्मेदारी दी गई है.
परिवारवाद पर भी मायावती का रुख
बैठक में मायावती ने परिवारवाद के मुद्दे पर पार्टी संस्थापक कांशीराम के सिद्धांतों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज ही उनका परिवार है और पार्टी में निजी स्वार्थ को संगठन के काम में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा. मायावती ने कहा कि कांशीराम ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के आधार पर बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का लक्ष्य रखा था.
सरकार और कई मुद्दों पर निशाना
मायावती ने बीजेपी सरकार पर गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ेपन, पलायन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने शिक्षण संस्थानों में कथित भेदभाव, अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े विवाद और ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया. वहीं ईशान आनंद ने राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने पर मायावती का आभार जताते हुए कहा कि वह उनके दिशा-निर्देशन में पार्टी और बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे.




