Madhya Pradesh

फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ः बांग्लादेशी नागरिकों के भोपाल, ग्वालियर, बैतूल और छिंदवाड़ा कनेक्शन का खुलासा, दो गिरफ्तार

भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों और विदेश यात्रा करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। ग्वालियर के डबरा के बाद अब भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अन्ना नगर इलाके से 40 फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ (STF) ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।एसटीएफ डीआईजी राहुल कुमार लोढ़ा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रियाल चौधरी भी शामिल है, जो मूलतः असम का रहने वाला है। दूसरा आरोपी विप्लव अधिकारी है। जांच में सामने आया है कि विप्लव का यह नेटवर्क असम से शुरू होकर कोलकाता के रास्ते मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था। आरोपियों ने वर्ष 2021 के आसपास ये फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाए थे। पुलिस की टीमें असम और अन्य राज्यों में भी दबिश दे रही हैं।

कई जिलों से जुड़े फर्जीवाड़े के तार

ग्वालियर (डबरा): एक ही पते से लगभग 21-21 पासपोर्ट की एप्लीकेशन प्राप्त हुईं, जिनमें से 17 पासपोर्ट बनाए गए थे।

भोपाल: गोविंदपुरा के अन्ना नगर क्षेत्र से 40 फर्जी पासपोर्ट मिले हैं।

अन्य जिले: बैतूल और छिंदवाड़ा से भी फर्जी पासपोर्ट जारी किए जाने की बात सामने आई है।

बौद्ध अनुयायी बनकर मांगते थे भिक्षा

जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बौद्ध अनुयायी का चोला पहनकर भिक्षा मांगते और जीवनयापन करते थे। इसके बाद वे विभिन्न इनविटेशन और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मलेशिया और कंबोडिया जैसे देशों में घूमने जाते थे। राहुल कुमार लोढ़ा, डीआईजी, एसटीएफ ने बताया कि- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाए जाने का यह पूरा मामला गंभीर है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हमारी टीमें असम और अन्य राज्यों में भेजी गई हैं। दस्तावेजों और गहन जांच के बाद ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज सामने आ सकेंगे।

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