पारस पोर्टल से होगी योजनाओं की रियल टाइम निगरानी, हर माह होगी राज्य स्तरीय समीक्षा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल की पहली राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पारस पोर्टल के माध्यम से अब शासन की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पोर्टल के जरिए राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी योजना, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग में सीमांकन के लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सक्षम अधिकारियों के आदेश के बावजूद समय पर सीमांकन नहीं होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को ऐसे मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने एग्रीस्टैक के तहत सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल धान खरीदी तक सीमित व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने का आधार है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी पात्र किसान के योजना से वंचित रहने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हेल्पलाइन पर अब तक 1.10 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने समाधान पर संतुष्टि जताई है।
मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध 721 ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ाने, विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने तथा 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने तथा सहजन, कटहल सहित उपयोगी पौधों के रोपण को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए बच्चों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




