नारी का धर्म है कि अपने जीवन साथी को भगवान से मिलने के लिए प्रेरित करें – राजेश्री महन्त रामसुंदर दास

- गुढ़ियारी में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण में सम्मिलित हुए महामंडलेश्वर
रायपुर । गुढ़ियारी रायपुर में साहू परिवार के द्वारा विवाह उत्सव के उपरांत श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। श्री दूधाधारी मठ एवं श्री शिवरीनारायण मठ पीठाधीश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास इसमें सम्मिलित हुए।

उन्होंने व्यास पीठ पर विराजित आचार्य खिलेंद्र दुबे का शाल श्रीफल से सम्मान किया इस अवसर पर उपस्थित श्रोता समूह को अपना आशीर्वचन प्रदान करते हुए राजेश्री महन्त रामसुंदर दास ने कहा कि- हम लोग जिस समय यहां पर पहुंचे उस समय आचार्य जी सुदामा चरित्र की कथा श्रोताओं को सुना रहे थे सुदामा भगवान कृष्ण के बचपन के मित्र थे वे अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भगवान से मिलना नहीं चाहते थे किंतु उनकी पत्नी सुशीला ने उन्हें मिलने के लिए प्रेरित किया वस्तुत: नारी का यही धर्म है कि वह अपने जीवन साथी को परमात्मा से मिलने के लिए प्रेरित करें! यही इस कथा का सांकेतिक अर्थ है उन्होंने कहा कि साहू परिवार के द्वारा एक तरफ अपने पूर्वजों के मोक्षार्थ श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन किया गया दूसरी ओर उन्होंने विवाह उत्सव भी संपन्न किया, यह सराहनीय पहल है। दु:ख में भगवान को हर कोई याद करता है किंतु सुख के क्षण में भूल जाते हैं कहा भी गया है कि – दु:ख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दु:ख काहे होय।।
उन्होंने नव विवाहित वर -वधू अभिषेक सीमा साहू को आशीर्वाद प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामनाएं की। आचार्य दुबे ने भी व्यास पीठ की आसंदी से कहा कि- पूज्य गुरुदेव जी भगवान का मेरे भागवत महापुराण में दूसरी बार आगमन हुआ है आशा करता हूं कि उनका स्नेह और आशीर्वाद मुझे निरंतर प्राप्त होता रहेगा। इस अवसर पर विशेष रूप से शांतिकुंज हरिद्वार से हेमंत साहू, सोमेश्वर साहू, मीना साहू, आशुतोष, रोहित तिवारी, निखिल, टेक राम साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित साहू परिवार के नाते-रिश्तेदार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




