नक्सलियों के खिलाफ न्यायालय में चल रहे मामले में सुनवाई तेज..प्रभाकर और DVCM रैंक की उसकी पत्नी राजे कांगे समेत 5 नक्सलियों को सजा सुनाई

कांकेर, 08 सितंबर। नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब पहले गिरफ्तार किए गए नक्सलियों के खिलाफ न्यायालय में चल रहे मामले में सुनवाई तेज कर दी गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उत्तर बस्तर के DKSZC रैंक के सबसे खूंखार नक्सली माने जाने वाले प्रभाकर और DVCM रैंक की उसकी पत्नी राजे कांगे समेत 5 नक्सलियों को सजा सुनाई है।
अन्य तीन नक्सलियों को 5-5 साल की सजा आदलत से एसुनाई गई सजा में प्रभाकर और राजे कांगे को 7-7 साल और शेष अन्य तीन नक्सलियों को 5-5 साल की सजा सुनाई गई है। नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह पहला मामला है जब किसी बड़े नक्सली लीडर को सजा सुनाई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार 2015 में कोरर में सर्चिंग पार्टी पर नक्सलियों ने हमला किया था जिसमें प्रभाकर, राजे कांगे समेत कई नक्सलियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। नक्सलवाद के खात्मे के काउंटडाउन के दौरान 2024 में प्रभाकर और उसके कुछ समय बाद उसकी पत्नी राजे कांगे को पुलिस ने गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी। जिसके बाद दोनों से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य के साथ न्यायालय में चालान पेश किया था।
एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि, दोनों के ऊपर 60 के करीब अपराध दर्ज हैं। कोरर मुठभेड़ में दोनों नक्सल लीडर के शामिल होने के कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद थे जिसके आधार पर न्यायालय ने फैसला सुनाया है। प्रभाकर 25 लाख का जबकि उसकी पत्नी राजे कांगे 8 लाख की इनामी नक्सल थे।




