जांजगीर-चांपा में बुनकर महिलाओं के बीच पहुंचीं CSP योगिताबाली खापर्डे, नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा का दिया संदेश

जांजगीर-चांपा, 14 जुलाई 2026। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी स्थित आदर्श कोसा सहकारी बुनकर समिति में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने बुनकर महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ-साथ साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने समिति की गतिविधियों का अवलोकन किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे कोसा वस्त्रों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान आदर्श कोसा सहकारी बुनकर समिति के संचालक मनमोहन देवांगन ने समिति की स्थापना, कोसा बुनाई की प्रक्रिया, महिलाओं को दिए जा रहे रोजगार और हथकरघा उद्योग से जुड़े कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।
सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने महिलाओं को “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार या सेवन होता दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर भी महिलाओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य उमा राजेंद्र राठौर ने भी महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ओटीपी साझा करने से बचें और साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
इस अवसर पर प्रशिक्षु उप निरीक्षक निकिता साहू ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, आपातकालीन पुलिस सहायता और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी, महिला उत्पीड़न या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में बुनकर महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद किया और नशामुक्त, सुरक्षित तथा साइबर अपराध मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। जांजगीर-चांपा पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



