Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से महिला पत्रकारों ने किया विशाखापट्टनम का ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायक भ्रमण, मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति जताया विशेष आभार

कोरबा। बदलते दौर में पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और विकास के विभिन्न पहलुओं को समझने का एक प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है। विशेष रूप से महिला पत्रकार आज हर क्षेत्र में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा रही हैं और समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती के साथ सामने ला रही हैं।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार की सकारात्मक सोच और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली पहल के तहत कोरबा सहित तीन जिलों की महिला पत्रकारों को आंध्रप्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन एवं सांस्कृतिक शहर विशाखापट्टनम के शैक्षणिक एवं पर्यटन भ्रमण का अवसर प्राप्त हुआ। इस यात्रा को महिला पत्रकारों ने अपने जीवन का यादगार, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव बताया है।

इस विशेष भ्रमण में श्रीमती राजश्री गुप्ते, लालिमा शुक्ला, गीतिका वैष्णव, ममता साहू, कुंती कुमार, निर्मला शर्मा, प्रीति यादव, निशा मसीह, जूही कोरिया एवं सरिता ध्रुव सहित कई महिला पत्रकार शामिल रहीं। सभी महिला पत्रकारों ने यात्रा से लौटने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार और प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की संवेदनशील सोच और प्रोत्साहन के कारण उन्हें यह अनूठा अवसर प्राप्त हुआ, जिसने उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को नई दिशा देने का काम किया है।

महिला पत्रकारों ने बताया कि विशाखापट्टनम पहुंचते ही उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे प्रकृति और आधुनिकता के अद्भुत संगम के बीच आ गई हों। समुद्र की लहरें, स्वच्छ वातावरण, पहाड़ियां और पर्यटन स्थलों की सुंदरता ने सभी का मन मोह लिया। यात्रा के दौरान सबसे पहले उन्होंने प्रसिद्ध ऋषिकोंडा बीच का भ्रमण किया। बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित यह समुद्री तट अपनी स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। महिला पत्रकारों ने समुद्र की लहरों के बीच समय बिताया और वहां के मनमोहक दृश्यों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक निरंतर कार्य और व्यस्त जीवनशैली के बीच इस तरह का वातावरण मानसिक शांति और नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।

महिला पत्रकारों ने भावुक होकर कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार जिम्मेदारियों के बीच स्वयं के लिए समय निकालना कठिन हो जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल उनके लिए किसी सम्मान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिला पत्रकारों के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित करना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को गंभीरता से महत्व दे रही है।

भ्रमण के दौरान महिला पत्रकारों ने प्रसिद्ध डॉ. रामानायडू फिल्म सिटी का भी दौरा किया। यहां उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों, शूटिंग सेट, तकनीकी व्यवस्थाओं और आधुनिक फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारियों को करीब से समझा। महिला पत्रकारों ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद रोचक और सीख देने वाला रहा। कई पत्रकारों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने बड़े स्तर पर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को देखा, जिससे उनके ज्ञान में वृद्धि हुई है।

यात्रा के दौरान बोरा केव्स का भ्रमण भी महिला पत्रकारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पहाड़ों के बीच स्थित इन प्राचीन प्राकृतिक गुफाओं की विशालता और अद्भुत संरचना ने सभी को रोमांचित कर दिया। महिला पत्रकारों ने बताया कि प्रकृति की यह अद्भुत कला वास्तव में देखने योग्य है। गुफाओं के भीतर की प्राकृतिक आकृतियां और वातावरण ने उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया।

इसके अलावा महिला पत्रकारों ने कॉफी प्लांटेशन, विभिन्न व्यू पॉइंट्स, कैलाशगिरी, ग्लास ब्रिज और भगवान भोलेनाथ के 65 फीट ऊंचे त्रिशूल का भी अवलोकन किया। पहाड़ियों के बीच फैले कॉफी बागानों की हरियाली और शांत वातावरण ने सभी को बेहद प्रभावित किया। वहीं ग्लास ब्रिज पर चलने का रोमांचक अनुभव भी यात्रा की खास यादों में शामिल रहा। कैलाशगिरी से दिखाई देने वाला समुद्र और शहर का दृश्य महिला पत्रकारों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।

महिला पत्रकारों ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें चॉकलेट फैक्ट्री का भ्रमण करने का अवसर भी मिला, जहां चॉकलेट निर्माण की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के औद्योगिक भ्रमण से नई जानकारियां प्राप्त होती हैं और विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।

विशाखापट्टनम स्थित बॉटनिकल गार्डन में विभिन्न प्रजातियों के पौधे, फूलों की सुंदरता और प्राकृतिक वातावरण ने महिला पत्रकारों को काफी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के उद्यान प्रेरणादायक हैं। कई महिला पत्रकारों ने कहा कि इस भ्रमण ने उन्हें प्रकृति के और करीब ला दिया है।

यात्रा से लौटने के बाद महिला पत्रकारों ने मंत्री लखनलाल देवांगन से सौजन्य मुलाकात कर पूरे भ्रमण के अनुभव साझा किए। इस दौरान महिला पत्रकारों ने कहा कि यह यात्रा केवल पर्यटन नहीं थी, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास, ज्ञान और सोच को नई दिशा देने वाली यात्रा साबित हुई है। उन्होंने कहा कि मंत्री लखनलाल देवांगन ने हमेशा महिला पत्रकारों को प्रोत्साहित करने और उनके हितों को लेकर संवेदनशीलता दिखाई है।

महिला पत्रकारों ने कहा कि आज के समय में महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें अवसर प्रदान करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार सराहनीय कार्य कर रही है। चाहे महिला स्व-सहायता समूह हों, शिक्षा, रोजगार या पत्रकारिता—हर क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहन देने की सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है और मंत्री लखनलाल देवांगन भी कोरबा जिले में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

महिला पत्रकारों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं के लिए इस प्रकार के भ्रमण मानसिक और बौद्धिक रूप से बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इससे उन्हें समाज, संस्कृति और पर्यटन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर मिलता है, जिसका लाभ उनके पेशेवर कार्यों में भी दिखाई देगा।

अंत में महिला पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ सरकार और मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके जीवन की अविस्मरणीय यादों में हमेशा शामिल रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक यात्राओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि महिला पत्रकारों को सीखने, समझने और आगे बढ़ने के और अधिक अवसर प्राप्त हो सकें।

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