कोरबा में साइबर जागृति अभियान तेज: शिक्षक दिवस पर CSP प्रतीक चतुर्वेदी बने साइबर शिक्षक, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव की दी जानकारी

कोरबा, 5 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत कोरबा जिले में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है। अभियान के तृतीय सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर वरिष्ठ नागरिकों सहित आम लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर पाठशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान CSP कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी साइबर शिक्षक की भूमिका में नजर आए और लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस ने लोगों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के जरिए होने वाली ठगी से सतर्क रहने की समझाइश दी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित साइबर पाठशाला कार्यक्रमों में पुलिस टीमों ने नागरिकों को बताया कि साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन कर सकते हैं। वे लोगों को किसी अपराध में फंसने या उनके नाम से अवैध गतिविधि होने का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर बने रहने और पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव डालते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा इस तरह फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने की प्रक्रिया नहीं होती।

जिले के थाना कोतवाली, सीएसईबी, बाकी मोगरा, दीपका, सिविल लाइन, पाली, बांगो, उरगा, करतला और पसान सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पुलिस टीमों ने बैंक, स्कूल, अस्पताल, कॉलेज, बस स्टैंड, मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए।
थाना बाकी मोगरा क्षेत्र में एसबीआई बैंक, शासकीय उचित मूल्य की दुकान और सर्वमंगला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरकछार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। थाना पाली पुलिस ने स्वामी आत्मानंद विद्यालय और एकलव्य आवासीय परिसर शैला में विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। सीएसईबी चौकी पुलिस ने नया बस स्टैंड, थाना सिविल लाइन पुलिस ने जिला अस्पताल कोरबा, थाना कोतवाली पुलिस ने पाल्म मॉल और गुरुनानक पब्लिक स्कूल इतवारी में लोगों को जागरूक किया। वहीं थाना उरगा पुलिस ने स्वर्गीय श्याम लाल कंवर कॉलेज तथा थाना दीपका पुलिस ने बजरंग चौक स्थित न्यू सोनू रेस्टोरेंट में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रमों के दौरान पुलिस ने नागरिकों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, ATM या बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने, फर्जी वेबसाइट पर बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करने और अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचने की सलाह दी गई।
पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो उसे घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराध के नए-नए तरीकों को लेकर सजग रहें और अपने परिवार, विशेषकर बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। पुलिस ने शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘मैं हूं साइबर शिक्षक’ अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूकता की एक सेल्फी लेने और अपने आसपास के लोगों को साइबर शिक्षित एवं सुरक्षित बनाने का संदेश दिया।
कोरबा पुलिस का कहना है कि साइबर शिक्षा ही साइबर सुरक्षा की मजबूत नींव है। नागरिकों की सतर्कता और जागरूकता से डिजिटल ठगी के मामलों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सकती है। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से पुलिस जिलेभर में लगातार लोगों तक पहुंचकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।




