Chhattisgarh

कोरबा में नोटिस बेअसर, हड़ताली पटवारियों ने जलाई प्रतियां, हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना

कोरबा, 04 नवंबर 2026। जिले में चार सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की बेमियादी हड़ताल जारी है। प्रशासन की ओर से काम पर लौटने के लिए जारी नोटिस का भी पटवारियों पर कोई असर नहीं हुआ है। मंगलवार को हड़ताली पटवारी नोटिस की प्रतियां लेकर धरना स्थल पहुंचे और उन्हें जलाकर विरोध जताया। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। पटवारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जिले के 254 हल्कों में कुल 201 पटवारी पदस्थ हैं, जिनमें से 176 पटवारी 13 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। इनमें संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और नोटिस का समय पर जवाब नहीं देने के मामले में पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वहीं, शेष 175 हड़ताली पटवारियों को कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल काम पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है।

पटवारी संघ नए पीवी ऐप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि ऐप में कई तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें हैं, जिससे काम करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा निलंबित पटवारियों का निलंबन वापस लेने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की भी मांग की जा रही है।

राजस्व पटवारी संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी मांग रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। शासन दमनात्मक कार्रवाई कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है, जो उचित नहीं है। वहीं, पटवारी आरती प्रसाद ने कहा कि पदोन्नति सभी का अधिकार है और पटवारी इसे लेकर रहेंगे। संघ पदाधिकारियों ने दोहराया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।

कई राजस्व कार्य प्रभावित

पटवारियों की हड़ताल के कारण डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और धान खरीदी के लिए किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी जांच, नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व कार्य भी प्रभावित हैं।

चक्रवाती तूफान के कारण जिन क्षेत्रों में फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे कर क्षति का आकलन करने का काम भी प्रभावित हो रहा है। सर्वे के बाद पात्र किसानों को राहत दी जानी है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल से इस प्रक्रिया में बाधा आ रही है।

ये हैं पटवारियों की प्रमुख मांगें

पटवारी संघ पीवी ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने अथवा इसे बंद करने, ऐप के बहिष्कार के चलते की गई तबादला, नोटिस और निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों को निरस्त करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा वर्ष 2017 में ग्रेड-पे 2200 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये किए जाने के बाद उत्पन्न वेतन विसंगतियों को दूर करने, वर्षों से लंबित पदोन्नति का रास्ता खोलने, भुइयां पोर्टल में मैनुअल फसल प्रविष्टि का विकल्प देने और राजस्व सर्वेक्षण से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने की मांग शामिल है।

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