कान दर्द के इलाज के दौरान कर दी एंजियोप्लास्टी, महिला की मौत पर हंगामा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित नेहरू नगर में संचालित श्रीराम केयर हॉस्पिटल में रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा कर दिया।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि महिला केवल कान दर्द के इलाज के लिए अस्पताल आई थी, लेकिन डॉक्टरों ने हार्ट में ब्लॉकेज बताकर पहले एंजियोग्राफी और फिर एंजियोप्लास्टी कर दी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन सीएसपी और TI भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
कान दर्द से एंजियोप्लास्टी तक की कहानी
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम ठाकुरदेवा निवासी परिजनों के अनुसार: अस्पताल में भर्ती व रेफरल: 55-60 वर्षीया सुखम बाई साहू के कान में तेज दर्द था। परिजन उन्हें इलाज के लिए श्रीराम केयर हॉस्पिटल लेकर आए थे, जहां से प्राथमिक जांच के बाद उन्हें कोनी स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
हार्ट में ब्लॉकेज की बात: वहां कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक कुमार ने जांच के उपरांत परिजनों को बताया कि महिला के दिल (हार्ट) में गंभीर ब्लॉकेज है। इसके बाद उन्होंने एंजियोग्राफी और ब्लॉकेज हटाने के लिए एंजियोप्लास्टी कराने की सलाह दी।
इलाज के दौरान मौत: परिजनों के मुताबिक सुखम बाई को दोबारा श्रीराम केयर हॉस्पिटल लाया गया, जहां डॉ. अभिषेक कुमार द्वारा उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। हालांकि, प्रक्रिया के कुछ ही समय बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
बेटी का आरोप: ‘लापरवाही से गई जान, रद हो अस्पताल का लाइसेंस’
परिजनों का फूटा गुस्सा: खबर मिलते ही मृतका के परिजन आक्रोशित हो गए। मृतका की बेटी संगीता साहू ने रोते-बिलखते हुए अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर घोर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया।
कार्रवाई की मांग: संगीता साहू ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने और श्रीराम केयर हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इन्कार; पुलिस जांच जारी:
प्रबंधन की सफाई: दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया है। उनका कहना है कि मरीज के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। हालांकि, मौत के सटीक कारणों पर विस्तृत चिकित्सकीय पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
पुलिस की कार्रवाई: मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराकर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार की सहमति के बाद ही ऑपरेशन किया गया था। इसके बाद महिला की मौत हो गई। इलाज से संतुष्ट नहीं होने पर परिजनों ने FIR दर्ज कराई है। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज सौंप दिए हैं।रजनीश तिवारी जरनल मैनेजर



