Chhattisgarh

झोराघाट पिकनिक स्पॉट बदहाल, बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहे पर्यटक

कोरबा/कटघोरा, 02 नवंबर। कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत झोराघाट स्थित प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पिकनिक स्पॉट आज भी पर्यटन विकास की बाट जोह रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण झोराघाट जिले के लोगों के बीच पिकनिक मनाने के लिए लोकप्रिय स्थान बना हुआ है, लेकिन यहां पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। विडंबना यह है कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाओं और दावों के बावजूद यहां पहले से उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का भी समुचित रखरखाव नहीं हो रहा है। नतीजतन, यहां आने वाले पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

झोराघाट में महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्मित सुलभ कॉम्प्लेक्स रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। इसकी स्थिति ऐसी है कि अब यह उपयोग के लायक भी नहीं रह गया है। इसके कारण पिकनिक मनाने पहुंचने वाले परिवारों और विशेषकर महिलाओं को काफी असुविधा होती है। किसी भी पर्यटन स्थल पर स्वच्छ और उपयोग योग्य शौचालय की व्यवस्था आवश्यक होती है, लेकिन झोराघाट में इस बुनियादी जरूरत की अनदेखी साफ नजर आती है।

इसी तरह पेयजल की व्यवस्था भी बदहाल है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए पीने के पानी का एकमात्र साधन बोरवेल है, लेकिन वह भी लंबे समय से खराब पड़ा है। स्थिति यह है कि बोरवेल का हैंडल तक गायब हो चुका है। ऐसे में पर्यटकों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है और उन्हें अपने साथ पानी लेकर आना पड़ता है।

छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के कोरबा जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू ने झोराघाट की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। कोरबा जिले को जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की राशि प्राप्त होती है। इसके बावजूद झोराघाट जैसे संभावनाओं से भरपूर प्राकृतिक स्थल का अपेक्षित विकास नहीं हो पाना चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि झोराघाट को व्यवस्थित पिकनिक स्पॉट और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो न केवल कोरबा जिले, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि झोराघाट में शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त कराया जाए तथा इसके समग्र विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

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