Chhattisgarh

कटघोरा कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा निलंबित, बिना सूचना लंबे समय से थे अनुपस्थित

कोरबा- कटघोरा, 15 दिसंबर। कटघोरा कृषि विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को बिना सूचना और बिना अवकाश लंबे समय तक कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने के मामले में विभाग ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उप संचालक कृषि, जिला कोरबा द्वारा 15 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत की गई है। मामला सामने आने के बाद भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने किसानों की समस्याओं और अधिकारी की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया था।

विभागीय आदेश क्रमांक स्थापना-01/निलं./2026-27/3921 के अनुसार देवशरण पैकरा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, क्षेत्र कटघोरा एवं जेंजरा, 1 अगस्त 2026 से अपने कार्यक्षेत्र से बिना किसी सूचना और अवकाश के अनुपस्थित थे। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव और विभागीय पत्राचार के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई।

निलंबन अवधि के दौरान देवशरण पैकरा का मुख्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

किसानों के काम प्रभावित होने का उठाया मुद्दा

राजेश यादव ने कहा कि अधिकारी की लंबे समय तक अनुपस्थिति से कटघोरा और जेंजरा क्षेत्र के किसानों से जुड़े विभागीय कार्यों और शासन की कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ा हो तो इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी अधिकारी की अनुपस्थिति का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।

उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सेवाओं का लाभ किसानों को समय पर उपलब्ध कराने के लिए कटघोरा-जेंजरा क्षेत्र में तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था करने की मांग की है।

महिला अधिकारियों से कथित अभद्र टिप्पणी के आरोपों की जांच की मांग

राजेश यादव ने संबंधित अधिकारी पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां किए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसी टिप्पणियां की गई हैं, तो इसकी तथ्यात्मक जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान से जुड़े किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

कृषि मंत्री और कलेक्टर को मामले से अवगत कराने की बात

राजेश यादव ने बताया कि वे पूरे मामले से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव और कलेक्टर कोरबा को अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने मांग की कि निलंबन कार्रवाई के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी न हो।

Related Articles

Back to top button