Chhattisgarh

एकलव्य स्कूल छात्र की मौत का मामला गरमाया, कलेक्टोरेट के सामने विधायक-परिजनों का धरना; रैगिंग और मारपीट के दावे से उठे गंभीर सवाल

बालोद, 28 सितम्बर। डौंडी के शासकीय एकलव्य आवासीय परिसर में कक्षा 10वीं के छात्र विनय कुमार की फांसी लगाकर हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद, मृतक छात्र के परिजन और ग्रामीण सोमवार को बालोद कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि छात्र की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों की गहनता से जांच जरूरी है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, लेकिन घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से एकलव्य स्कूल परिसर के CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की मांग की है।

मामले में अब रैगिंग और मारपीट से जुड़ा दावा भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, घटना से पहले वरिष्ठ छात्रों द्वारा विनय कुमार के साथ कथित तौर पर रैगिंग किए जाने तथा मारपीट और झूमाझटकी की बात कही जा रही है। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में परिजनों और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि घटना से पहले के CCTV फुटेज या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं तो उनकी विशेषज्ञता के साथ जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्र की मौत से पहले परिसर में क्या परिस्थितियां बनी थीं।

डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ने एकलव्य स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मामले में लापरवाही बरती गई और जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में जिस भी व्यक्ति की भूमिका सामने आए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

विधायक ने पूर्व में भी घटना को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बाद घटनास्थल पर अधिकारियों की मौजूदगी और मामले में अब तक हुई कार्रवाई को लेकर कई सवाल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

धरने पर बैठे मृतक छात्र के परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराने की नहीं है। वे चाहते हैं कि मामले से जुड़े CCTV फुटेज, स्कूल परिसर में मौजूद अन्य साक्ष्य, छात्रों और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी तथा घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच की जाए। इसके बाद जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आए, उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।

फिलहाल बालोद कलेक्टर कार्यालय के सामने विधायक, मृतक छात्र के परिजन और ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। एकलव्य आवासीय परिसर में छात्र की मौत के मामले में रैगिंग और कथित मारपीट के दावों के बाद जांच को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। अब प्रशासन द्वारा CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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