इस गांव में 7 दिन पहले ही मन गई दिवाली, यहां पहले क्यों मनाए जाते हैं हर त्योहार?

Chhattisgarh Semra-C Village Celebrates Diwali: पूरा देश इस समय धनतेरस और दिवाली के त्योहार की तैयारियों में लगा है. धनतेरस कल और दिवाली आठ नवंबर को देशभर में धूमधाम के साथ मनाई जाने वाली है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसा गांव है, जहां दिवाली मनाई जा चुकी है. हां ये गांव छत्तीसगढ़ के धमतरी में है. गांव जिले से 22 किलोमीटर दूर हैं. गांव का नाम है सेमरा-सी. इस गांव में दिवाली तीन नवंबर को ही मना ली गई.
तीन नवंबर को गांव के हर घर में दीप जलाए गए और फिर लक्ष्मी गणेश पूजन के बाद आतिशबाजी की गई. खास बात ये है कि इस गांव में सिर्फ दीिवाली ही नहीं, बल्कि होली, हरेली और पोला जैसे प्रमुख त्योहार भी तय तारीख से सात दिन पहले ही मना लिए जाते हैं. इस अनूठी परंपरा का संबंध एक धार्मिक मान्यता से जुड़ा हुआ है. जानकारी के अनुसार, सदियों पहले ये गांव घने जगंलों से घिरा हुआ था.
सेमरा-सी गांव में जंगली जानवरों का भयंकर खतरा रहता था. उस दौरान ‘सिरदार’ नाम के एक शख्स ने गांव वालों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था. मान्यता है कि फिर गांव के पुजारी को सपने में सिरदार देव ने दर्शन दिए और आदेश दिया कि गांव की खुशहाली के लिए सप्ताह पहले यहां सभी प्रमुख त्योहार मनाए जाएं.
माना जाता है कि इसके बाद से ही गांव में सभी प्रमुख त्योहार हफ्ते भर पहले मनाए जाने लगे. सेमरा-सी गांव की दिवाली 15-20 गांव के लिए एक बड़ा उत्सव बन चुकी है. इस गांव में राजनांदगांव समेत दूर-दराज से लोग त्योहार वाले दिन दीपावली मनाने पहुंचते हैं. कई बार यहां मेहमानों की संख्या गांव की आबादी से भी अधिक दर्ज की जाती है. इससे यहां त्योहार का अनूठा माहौल दिखाई देता है.




