Chhattisgarh

हैंडलूम इकोसिस्टम को मिलेगा नया विस्तार: जांजगीर-चांपा में IIHT के विकास और कोसा उद्योग को आधुनिक बनाने पर मंथन

जांजगीर-चांपा। जिले के पारंपरिक कोसा एवं हाथकरघा उद्योग को नई पहचान दिलाने और भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT) को आधुनिक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT), जांजगीर-चांपा में स्टेकहोल्डर्स मीट आयोजित हुई, जिसमें कोसा उद्यमियों, बुनकरों, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, बैंक अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में जिले के हैंडलूम इकोसिस्टम को मजबूत बनाने, कोसा उद्योग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यशाला में संस्थान के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि जांजगीर-चांपा की पहचान केवल पारंपरिक कोसा और हाथकरघा उद्योग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे आधुनिक तकनीक, डिजाइन नवाचार और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान को केवल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर स्थानीय युवाओं, बुनकरों और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएं।

बैठक में संस्थान में आधुनिक मशीनों की स्थापना, अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने, नए डिजाइन विकसित करने, उद्योगों के साथ साझेदारी स्थापित करने, विपणन व्यवस्था को मजबूत करने तथा भविष्य में संस्थान परिसर में उत्पादन इकाई (Production Unit) विकसित करने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कोसा उद्यमियों और बुनकरों ने भी स्थानीय उद्योग की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं को साझा किया। उन्होंने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने, गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक डिजाइन अपनाने तथा प्रभावी मार्केटिंग नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना था कि पारंपरिक बुनकरी को आधुनिक तकनीक और समकालीन डिजाइन से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा दिलाई जा सकती है।

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि चांपा में हर वर्ष हैंडलूम फेस्टिवल आयोजित किया जाए, जिससे स्थानीय बुनकरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का बड़ा मंच मिल सके। साथ ही संस्थान को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर इसे हाथकरघा क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर चंद्रशेखर देवांगन, धनंजय देवांगन, नंद कुमार देवांगन, मनमोहन देवांगन, जगन्नाथ देवांगन, एनसीएचएचडी के महेश गुलाटी, तरुण वेदी, रेशम, हाथकरघा, उद्योग एवं बैंक विभाग के अधिकारी, कोसा उद्यमी, बुनकर तथा संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिले में आयोजित यह स्टेकहोल्डर्स मीट भविष्य में जांजगीर-चांपा के कोसा उद्योग, हैंडलूम सेक्टर और IIHT के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय बुनकरों को नई तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और बड़े बाजार तक पहुंच का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के पारंपरिक उद्योग को नई गति मिल सकेगी।

Related Articles

Back to top button