Chhattisgarh

सील के बाद भी हाईवे किंग होटल के संचालन पर उठे सवाल

वेज भोजन की जगह नॉनवेज परोसने का मामला, खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई के बाद फिर संचालन को लेकर सवाल | सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। राजधानी के चर्चित हाईवे किंग होटल में वेज भोजन के स्थान पर नॉनवेज परोसे जाने के आरोप के बाद शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने होटल का निरीक्षण कर कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि होटल के किचन को सील किया गया था। इसके बावजूद होटल का संचालन दोबारा शुरू होने की बात सामने आने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार 15 अगस्त को एक महिला ने होटल में वेज भोजन का ऑर्डर दिया था, लेकिन उसे कथित तौर पर नॉनवेज भोजन परोसे जाने का आरोप लगाया। महिला ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए होटल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और लोगों में नाराजगी देखी गई।

मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम होटल पहुंची और निरीक्षण किया। विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं, होटल प्रबंधन ने घटना को मानवीय भूल बताते हुए खेद जताया और भविष्य में ऐसी गलती नहीं होने देने का भरोसा दिलाया।

हालांकि कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल होटल के दोबारा संचालन को लेकर उठ रहा है। यदि होटल के किचन को सील किया गया था तो सील हटाने के बाद ही संचालन की अनुमति कैसे मिली? क्या विभाग की ओर से होटल को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई थी? यदि अनुमति दी गई थी तो उसकी प्रक्रिया क्या रही और यदि अनुमति नहीं दी गई थी तो होटल का संचालन किस आधार पर शुरू हुआ? इन सवालों को लेकर अब प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने खाद्य एवं औषधि विभाग को ऐसे मामलों में सतर्कता बरतने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रकरण खाद्य एवं औषधि विभाग के संज्ञान में है और इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

अब निगाहें विभाग की आगामी कार्रवाई पर हैं। लोगों की नजर इस बात पर है कि होटल के किचन को सील करने के बाद उसे दोबारा खोलने की अनुमति किस स्तर से मिली और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो होटल प्रबंधन के साथ संबंधित जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होगी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

हाईवे किंग होटल का यह मामला अब केवल भोजन से जुड़ी शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। इसने खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन, प्रशासनिक कार्रवाई और उसकी निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच के साथ पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

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