यात्री बसों के परमिट-फिटनेस में गड़बड़ी, परिवहन विभाग ने कसा शिकंजा

कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा से छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संचालित होने वाली यात्री बसों की जांच में परमिट, फिटनेस और सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद परिवहन विभाग ने अब सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाकर परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से कट परमिट, परमिट की शर्तों के विपरीत संचालन तथा यात्री परिवहन में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों को जांच के दायरे में लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार करीब पांच दिन पहले जिला परिवहन अधिकारी (DTO) अतुल असैया के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने सीएसईबी चौराहे के पास जांच अभियान चलाया था। इस दौरान 10 वाहनों को पकड़कर करीब 22 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यात्री बसों के दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को कई स्तर पर अनियमितताएं मिलीं। कुछ वाहनों के परमिट में समस्या थी, जबकि कुछ की फिटनेस वैध नहीं पाई गई। इसके अलावा सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियां भी जांच में सामने आईं।
जांच के दौरान कोरबा से बिहार सहित अन्य राज्यों के रूट पर संचालित होने वाली कुछ यात्री बसें भी कार्रवाई के दायरे में आईं। परिवहन विभाग को जानकारी मिली है कि इंटरस्टेट रूट पर संचालित कुछ अन्य यात्री बसों में भी परमिट और दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताएं हो सकती हैं। ऐसे वाहनों की भी जांच किए जाने की तैयारी है। विभाग का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ नियमों के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को संचालित करना है।
डीटीओ अतुल असैया ने बताया कि यात्री बसों और अन्य वाहनों के दस्तावेजों की जांच लगातार की जा रही है। परमिट, फिटनेस और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की वैधता के साथ परमिट की शर्तों का पालन भी देखा जा रहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
त्योहारी सीजन में लंबी दूरी की यात्री बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में किराया वसूली, परमिट शर्तों और यात्री सुविधाओं को लेकर शिकायतें भी सामने आती रही हैं। परिवहन विभाग की प्रस्तावित सख्ती से नियमों का पालन नहीं करने वाले बस ऑपरेटरों पर कार्रवाई की उम्मीद है।
इधर, जिले के भीतर लोगों को किफायती और सुगम सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इलेक्ट्रिक सिटी बसों की योजना भी आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की योजना के तहत कोरबा क्षेत्र के लिए 40 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। नगर पालिक निगम और जिला प्रशासन द्वारा सोसाइटी के माध्यम से योजना को संचालित करने की तैयारी की जा रही है। जमनीपाली में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए टर्मिनल और सबस्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है। नोडल अधिकारी के अनुसार अलग सबस्टेशन तैयार करने के साथ आवश्यक विद्युत लाइन भी बिछाई जा चुकी है। निगम द्वारा कुछ स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं, जबकि अन्य स्थानों पर भी चार्जिंग सुविधा विकसित की जानी है। इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन से जिले के भीतर यात्रियों को अपेक्षाकृत किफायती और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।




