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दिवाली-छठ पर मुंबई से बिहार-UP जाने वालों के लिए जरूरी खबर, अक्टूबर में रेलवे चलाएगा 24 घंटे टिकट जांच अभियान

मुंबई और आसपास के शहरों से दिवाली और छठ पूजा के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ और टिकटों की जांच को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने अक्टूबर 2026 में विशेष टिकट जांच अभियान चलाने का फैसला किया है। यह अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक सेंट्रल रेलवे के स्टेशनों और ट्रेनों में चलेगा। इस दौरान बिना टिकट यात्रा, फर्जी पहचान पत्र, टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त और रेलवे की रियायतों के दुरुपयोग पर विशेष नजर रखी जाएगी।

रेलवे के मुताबिक, रिजर्वेशन टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को निर्धारित मूल पहचान पत्र साथ रखना होगा। एक पीएनआर पर परिवार या अन्य यात्रियों का समूह यात्रा कर रहा है तो कम से कम एक यात्री के पास रेलवे के नियमों के अनुसार मान्य मूल पहचान पत्र होना जरूरी है। जांच के समय वैध मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में रेलवे के नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है और यात्रियों को बिना टिकट यात्रा के रूप में माना जा सकता है।

सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के अनुसार, त्योहारी सीजन में टिकट जांच को और प्रभावी बनाया जाएगा। टीटीई और विजिलेंस की टीमें प्रमुख स्टेशनों के साथ लंबी दूरी की ट्रेनों में औचक जांच करेंगी। जांच का उद्देश्य रेलवे में टिकट संबंधी अनियमितताओं को रोकना और यात्रियों को नियमों के अनुसार यात्रा करने के लिए सुनिश्चित करना है।

रेलवे विशेष रूप से रियायती किराए, निर्धारित रिजर्वेशन कोटे और रेलवे पास के तहत बुक टिकटों की जांच करेगा। ऐसे टिकटों में यात्री की पात्रता महत्वपूर्ण होती है, इसलिए संबंधित यात्रियों को पात्रता साबित करने वाले मूल दस्तावेज साथ रखने होंगे। ई-पास और PTO के जरिए यात्रा करने वाले रेलवे कर्मचारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को भी निर्धारित मूल पहचान पत्र रखना होगा। यात्रा से पहले संबंधित प्रक्रिया के अनुसार ई-पास या PTO को एक्सचेंज कराना भी जरूरी होगा।

रेलवे टिकटों की वैधता की जांच के लिए जरूरत पड़ने पर TTE ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बिना रिजर्वेशन वाले टिकटों की भी जांच की जाएगी, ताकि फर्जी या अनधिकृत टिकट के जरिए यात्रा को रोका जा सके।

रेलवे यात्रा के दौरान आधार कार्ड, पासपोर्ट, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर फोटो पहचान पत्र, आयकर विभाग का पैन कार्ड और आरटीओ द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र मान्य हैं। केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सीरियल नंबर वाला फोटो पहचान पत्र, मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज का फोटो स्टूडेंट आईडी कार्ड, राष्ट्रीयकृत बैंक की फोटो वाली पासबुक और लैमिनेटेड फोटो वाला क्रेडिट कार्ड भी निर्धारित परिस्थितियों में पहचान के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल हैं।

बिना वैध टिकट यात्रा करने वालों पर अब पहले की तुलना में अधिक आर्थिक दंड लग सकता है। रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 137 और 138 के तहत न्यूनतम जुर्माना 20 जून 2026 से 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो चुका है। ऐसे में दिवाली और छठ के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच पहले ही कर लेने की सलाह दी गई है।

सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें और जहां आवश्यक हो, निर्धारित मूल पहचान एवं पात्रता संबंधी दस्तावेज अपने साथ रखें। रेलवे के मुताबिक, अक्टूबर में चलाया जाने वाला यह विशेष अभियान टिकट के मौजूदा नियमों में कोई नया बदलाव नहीं है, बल्कि मौजूदा नियमों के तहत जांच को व्यापक और सख्त बनाने की कार्रवाई है।

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