जांजगीर-नैला पालिका में विकास राशि के बंटवारे पर विवाद, विपक्षी वार्डों की उपेक्षा का आरोप

जांजगीर-चांपा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जांजगीर-नैला नगर पालिका परिषद को अधोसंरचना मद के अंतर्गत 4 करोड़ 96 लाख 8 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दिए जाने के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। विभाग द्वारा जारी 46 विकास कार्यों की सूची को लेकर विपक्षी पार्षदों ने विकास राशि के आवंटन में भारी असमानता और पक्षपात का आरोप लगाया है।
विपक्षी पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव पूरे शहर की जनता द्वारा सीधे किया जाता है, इसलिए सभी 25 वार्डों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्तमान सूची में सत्ता पक्ष के वार्डों को प्राथमिकता देते हुए कांग्रेसी पार्षदों वाले वार्डों की उपेक्षा की गई है।
जारी सूची के अनुसार कुल स्वीकृत राशि में से लगभग 2 करोड़ 47 लाख 9 हजार रुपये नवीन नगर पालिका कार्यालय भवन निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इसके बाद बची करीब 2 करोड़ 48 लाख 99 हजार रुपये की राशि को विभिन्न वार्डों में सड़क और नाली निर्माण कार्यों के लिए आवंटित किया गया है।
विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि कई कांग्रेसी वार्डों को बेहद कम राशि देकर केवल औपचारिकता निभाई गई है। वार्ड क्रमांक 15 में नाली निर्माण के लिए मात्र 1.09 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि वार्ड क्रमांक 01 में भी छोटे स्तर के कार्यों के लिए 2.03 लाख और 2.59 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।
वहीं, वार्ड क्रमांक 24 में कई निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग मदों में 5.88 लाख, 3.29 लाख, 3.11 लाख और 2.55 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत किए जाने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 14 में 12.53 लाख, वार्ड 17 में 11.99 लाख, वार्ड 25 में 12.73 लाख तथा वार्ड 12 में 11.65 लाख रुपये के कार्यों को मंजूरी दी गई है।
कांग्रेसी पार्षदों ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि विपक्षी वार्डों की जनता भी करदाता है और उनके साथ सौतेला व्यवहार करना लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है।
मामले को लेकर नगर पालिका की आगामी सामान्य सभा की बैठक में हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं। विपक्षी पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि विकास राशि के आवंटन में सुधार नहीं किया गया तो वे राज्य शासन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे तथा जनता के हित में आंदोलन भी करेंगे।




