एनएसई ने ईजीआर को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट को बनाया प्रमुख साझेदार

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (ईजीआर) को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड की सब्सिडियरी ऑगमोंट गोल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड को अपने पैनल में प्रमुख साझेदार के रूप में शामिल किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स के निर्माण और उन्हें दोबारा फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना तथा ईजीआर में ट्रेडिंग को बढ़ावा देना है।
साझेदारी के तहत ऑगमोंट गोल्ड वैल्यू चेन में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए ईजीआर के डिजिटल फ्रेमवर्क को मजबूत करने में सहयोग करेगा। कंपनी ईजीआर प्रोडक्ट के विकास के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। इससे रेगुलेटेड इकोसिस्टम के तहत फिजिकल गोल्ड को ईजीआर में और ईजीआर को वापस फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया सुगम होने की उम्मीद है।
ईजीआर डिमटेरियलाइज्ड सिक्योरिटीज हैं, जो फिजिकल गोल्ड में मालिकाना हक को दर्शाती हैं। यह गोल्ड सेबी से मान्यता प्राप्त वॉल्ट्स में सुरक्षित रखा जाता है और डिपॉजिटरीज के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है। प्रत्येक ईजीआर फिजिकल गोल्ड से पूरी तरह समर्थित होता है और एक्सचेंज पर इसकी ट्रेडिंग की जा सकती है।
एनएसई के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन ने कहा कि ऑगमोंट को पैनल में शामिल करना ईजीआर के लिए मजबूत और बेहतर इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एनएसई की तकनीक और लिक्विडिटी फ्रेमवर्क को ऑगमोंट के गोल्ड वैल्यू चेन के अनुभव के साथ जोड़कर ईजीआर के निर्माण और उसे फिजिकल गोल्ड में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।
वहीं, ऑगमोंट एंटरप्राइजेस के होल-टाइम डायरेक्टर केतन कोठारी ने कहा कि एनएसई के साथ साझेदारी के जरिए फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के बीच कन्वर्जन को ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए आसान, तेज और पारदर्शी बनाने पर काम किया जाएगा।
ईजीआर के जरिए निवेशक इलेक्ट्रॉनिक रूप में गोल्ड होल्ड कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार इसे फिजिकल गोल्ड में बदल सकते हैं। इससे गोल्ड मार्केट में छोटी मात्रा से भागीदारी, बेहतर लिक्विडिटी और अधिक फ्लेक्सिबिलिटी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।




