सरपंच पति के वेंडर बनने पर उठे सवाल, पंचायतों में कार्यों की जांच की मांग

राजेश यादव,सारंगढ़। सारंगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में निर्वाचित महिला सरपंचों के स्थान पर उनके पति अथवा रिश्तेदारों द्वारा पंचायत के कामकाज में कथित रूप से हस्तक्षेप किए जाने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत खरवानी बड़े की निर्वाचित सरपंच टीसी संतोष पटेल के पति संतोष पटेल की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संतोष पटेल लंबे समय से सारंगढ़ जनपद पंचायत कार्यालय के सामने फोटो कॉपी की दुकान का संचालन कर रहे हैं और पंचायतों से जुड़े विभिन्न कार्यों में वेंडर के रूप में भी उनकी भूमिका रही है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, संतोष पटेल द्वारा पूर्व में सारंगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए वेंडर के रूप में कार्य किए जाने तथा पंचायतों से संबंधित राशि का भुगतान उनकी दुकान अथवा संबंधित फर्म के माध्यम से किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इनमें 15वें वित्त आयोग सहित पंचायतों में मूलभूत सुविधाओं और अन्य योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों से संबंधित भुगतान शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब उनकी पत्नी टीसी संतोष पटेल के ग्राम पंचायत खरवानी बड़े की सरपंच निर्वाचित होने के बाद संतोष पटेल की भूमिका को लेकर नए सिरे से सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों और पंचायत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सरपंच के पति स्वयं पंचायत के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं और साथ ही वेंडर के रूप में पंचायत से जुड़े कार्य करते हैं, तो हितों के टकराव की स्थिति की जांच आवश्यक है। विशेष रूप से यह भी देखा जाना जरूरी है कि सरपंच पद पर पत्नी के निर्वाचित होने के बाद संबंधित पंचायत में उनके पति या उनकी दुकान/फर्म के माध्यम से किसी प्रकार का भुगतान या कार्य तो नहीं कराया जा रहा है।
मामले को लेकर सारंगढ़ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राधेश्याम नायक ने कहा कि उन्हें ग्राम पंचायत खरवानी बड़े से संबंधित मामले की जानकारी नहीं है। मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर पंचायत के समस्त कार्यों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरपंच पति संतोष पटेल की भूमिका अन्य ग्राम पंचायतों में वेंडर के रूप में सामने आती है, तो इस संबंध में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्राम पंचायत खरवानी बड़े में सरपंच पति की वास्तविक भूमिका क्या है और अन्य ग्राम पंचायतों में वेंडर के रूप में उनके द्वारा किए गए कार्य नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। पंचायतों में सरकारी राशि के उपयोग, वेंडर चयन और भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।




