शिवनाथ नदी की बाढ़ से नादघाट बस स्टैंड जलमग्न, रतजगा कर व्यापारियों ने समेटा सामान

बेमेतरा। शिवनाथ नदी में आई बाढ़ ने नादघाट क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। नादघाट बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे यहां संचालित दुकानों के व्यापारियों को रातभर जागकर अपना सामान सुरक्षित करने की मशक्कत करनी पड़ी। व्यापारियों ने अपने स्तर पर जुगाड़ कर जितना संभव हो सका, सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
बस स्टैंड में पानी भरने के बाद यहां बच्चों को पानी में खेलते हुए भी देखा गया। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार बाढ़ के पानी के बहाव में कुछ लोगों के घरों और दुकानों में रखा राशन तथा खेती-किसानी के लिए रखा खाद-बीज भी बह गया। अचानक बढ़े जलस्तर से लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नादघाट क्षेत्र हर साल मौसम के बदलते मिजाज का सामना करता है। जून में जहां क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनते हैं, वहीं अगस्त-सितंबर में शिवनाथ नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस बार बाढ़ के कारण क्षेत्र में संचालित चिमनी ईंट भट्ठा भी पानी में डूब गया है।
बाढ़ की स्थिति के बीच नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में हो रहे निर्माण व गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नदी के तट को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन और नदी तट से जुड़े मामलों की संबंधित विभागों के साथ-साथ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्तर पर भी जांच होनी चाहिए।




