वर्षों की जद्दोजहद के बाद मिली पेंशन, एसईसीएल दीपका की दो महिला कर्मियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

कोरबा। वर्षों से पेंशन का इंतजार कर रही South Eastern Coalfields Limited (SECL) की दीपका कोयला खदान परियोजना में कार्यरत दो महिला कर्मचारियों के लिए आखिरकार राहत की खबर आई। लंबे समय से बंद पड़ी पेंशन फिर शुरू होने के साथ ही बकाया राशि भी उनके बैंक खातों में पहुंच गई। इससे दोनों महिला कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिली है।

दीपका कोयला खदान में जनरल मजदूर कैटेगरी-वन के पद पर कार्यरत गणेश कुंवर की पेंशन वर्ष 2012 से बंद थी, जबकि राम बाई की पेंशन वर्ष 2019 से लंबित थी। वर्षों तक पेंशन नहीं मिलने के कारण दोनों परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
दोनों मामलों के निराकरण के लिए दीपका क्षेत्र एटक के सचिव एवं श्रमिक नेता विनोद कुमार यादव ने लगातार पहल की। उन्होंने संबंधित स्तर पर पेंशन प्रकरणों को उठाते हुए उनके निराकरण के लिए प्रयास जारी रखा। इस दौरान दीपका क्षेत्र के स्टाफ ऑफिसर एचआर किल्ली प्रसाद का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
लगातार प्रयासों के बाद दोनों महिला कर्मचारियों की पेंशन पुनः शुरू हो गई और वर्षों से लंबित राशि उनके बैंक खातों में जमा हो गई। राशि खाते में पहुंचने के बाद दोनों महिलाओं ने खुशी जाहिर की और इस प्रयास से जुड़े लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गणेश कुंवर ने कहा कि वर्ष 2012 से पेंशन बंद रहने के कारण उनका पूरा परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था। करीब 14 साल बाद पेंशन की राशि मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने विनोद कुमार यादव के लगातार प्रयास और किल्ली प्रसाद के सहयोग के लिए आभार जताया।
वर्षों से लंबित पेंशन का भुगतान दोनों महिला कर्मचारियों के लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि लंबे इंतजार के बाद मिली राहत की एक बड़ी वजह बना है।




