लाखों का बैटरी स्क्रैप रवाना होने से पहले पकड़ाया, पर्यावरण विभाग ने पुलिस को सौंपा

👉🏻 बिना अनुमति का मामला,जप्ती -जुर्माना-एफआईआर की बजाय अनुमति लाने की लीपापोती..?
कोरबा। कोरबा जिले से बैटरी के अवैध स्क्रैप का लंबे समय से चल रहे अवैध कारोबार के मामले में आज सूचना पर क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मण्डल ने एक मालवाहन को पकड़ा। डीडीएम स्कूल मार्ग में हरिमंगलम के पास क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्री प्रसन्ना के निर्देश पर टीम ने यह छापामार कार्रवाई की। यहां राजस्थान पासिंग की एक बड़ी ट्रक क्रमांक RJ06GD8524 में बैटरियां लोड पाई गई। बैटरी परिवहन के संबंध में वांछित दस्तावेज मांगे गए जिन्हें प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। हालांकि, वाहन चालक के पास राजस्थान पर्यावरण विभाग से जारी पर्यावरण अनुमति प्राप्त हुई लेकिन छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से किसी तरह की अनुमति उसके पास नहीं मिली।

जानकारी के मुताबिक बैटरी स्क्रैप जिस जिला व राज्य से लोड होता है वहां से भी पर्यावरण अनुमति प्राप्त करनी होती है और जहां पर यह सामान ले जाया जा रहा है उस प्रदेश से भी पर्यावरण अनुमति की अनिवार्य आवश्यकता होती है। लंबे समय से कोरबा जिले से बैटरी स्क्रैप अवैधानिक तरीके से परिवहन कर छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर ले जाये जा रहे हैं लेकिन यह पहली बार कार्रवाई हुई है जिसमें अवैध स्क्रैप परिवहन का भंडाफोड़ हुआ है। कोरबा से हर हफ्ते करीब 40 से 50 टन बैटरी स्क्रैप लोड होकर रवाना होता है जिसमें संभवत: चोरों से खरीदा गया बैटरी भी शामिल रहता है।

👉🏻 पर्यावरण की टीम पहुंची
इस मामले में जानकारी लेने पर क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्री प्रसन्ना ने बताया कि सूचना पर एक मालवाहन पकड़ा गया है जिसके द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से कोई भी वैध अनुमति प्राप्त करने संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। बिना अनुमति के बैटरी स्क्रैप का परिवहन गैरकानूनी है।

👉🏻बिना अनुमति खरीदी-बिक्री नहीं
जानकार बताते हैं कि बैटरियों में मौजूद लेड (सीसा) और खतरनाक एसिड पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए बेहद घातक होते हैं। बिना सरकारी गाइडलाइन के परिवहन या रिसाइकिलिंग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बैटरी स्क्रैप का परिवहन के लिए पर्यावरण विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य ही है, उसके बिना परिवहन नहीं किया जा सकता। साथ ही इसके लिए बंद गाड़ी में परिवहन अनिवार्य होता है। इतना ही नहीं, पर्यावरण विभाग से अनुमति बिना परिवहन तो दूर, बैटरी स्क्रैप की खरीदी-बिक्री भी अवैध है किन्तु कोरबा में चंद लोग यह अवैध कार्य धड़ल्ले से कर रहे हैं।
👉🏻पुलिस के सुपुर्द किया
इस मामले में सीएसईबी पुलिस चौकी प्रभारी एसआई राजेश तिवारी को सूचना देते हुए उक्त वाहन को रुकवाने की कार्रवाई की गई है। पंचनामा करने के साथ ही इसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
चौकी प्रभारी का कहना है कि क्योंकि सीएसईबी चौक पर उक्त वाहन को रखना संभव नहीं होगा इसलिए DDM रोड में हरीमंगलम के पास ही उक्त वाहन को खड़ा करा दिया गया है,जहां से गाड़ी लोड हुई। इस मामले में जानकारी यह मिल रही है कि पर्यावरण संरक्षण विभाग के द्वारा तात्कालिक तौर पर वाहन को सील करने इसमें लोड अवैध स्क्रैप को जप्त करने तथा वैधानिक रूप से कार्रवाई करने और एफआईआर जैसी कोई बात नहीं की जा रही है।
👉🏻 गैर कानूनी कार्य को वैध बनाने का मौका…?
जानकार बताते हैं कि यह गैर कानूनी कार्य है और इसमें जुर्माना के साथ-साथ एफआईआर भी होना चाहिए जो अवैधानिक तरीके से बैटरी स्क्रैप का भंडारण व परिवहन कर रहे हैं। एसईसीएल और मोबाइल टावर में उपयोग होने वाली बैट्रींयों के स्क्रैप यहां से ले जाए जा रहे थे। इसमें चोरी का माल भी शामिल हो सकता है। इसके पहले भी अवैधानिक बैटरी स्क्रैप यहां से पार हुई है जिसमें जीएसटी बिल लगाकर खेल किया जाता रहा है। पहली बार अवैध स्क्रैप का मामला पकड़ा गया लेकिन उसमें भी लीपापोती की बू आ रही है और स्थानीय कारोबारी को इस अवैध परिवहन को वैध बनाने के लिए समय दिया जा रहा है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उक्त अवैध स्क्रैप के संबंध में तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी को सोमवार तक पर्यावरण विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है। इस तरह से यह कार्रवाई न सिर्फ संदेह के दायरे में है बल्कि अवैधानिक कार्य करने वालों को प्रश्रय देने का भी मामला साबित हो रहा है।





