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भोपाल में खुदाई से थिंक गैस की दो पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, कंपनी ने तेजी से बहाल की गैस आपूर्ति, ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज

भोपाल, 01 जुलाई 2026। भोपाल के अयोध्या बायपास क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के किए गए खुदाई कार्य के दौरान थिंक गैस की दो सिटी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, कंपनी की आपातकालीन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कर कम समय में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति बहाल कर दी। कंपनी के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका टल गई और आसपास के रहवासी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में गैस आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी गई।

जानकारी के अनुसार, पहली घटना अयोध्या बायपास स्थित मीनल एप्पल केयर अस्पताल के पास हुई, जहां एक तीसरे पक्ष के ठेकेदार द्वारा बिजली के पोल स्थानांतरण के लिए खुदाई की जा रही थी। वहीं दूसरी घटना तिलक नगर क्षेत्र में हुई, जहां जल पाइपलाइन स्थानांतरण के दौरान बिना पूर्व सूचना के खुदाई करने से थिंक गैस की दूसरी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।

कंपनी ने बताया कि दोनों ही मामलों में खुदाई शुरू करने से पहले थिंक गैस को कोई सूचना नहीं दी गई। इतना ही नहीं, घटना के बाद भी संबंधित ठेकेदार की ओर से कंपनी को इसकी जानकारी नहीं दी गई। सूचना मिलते ही थिंक गैस की इमरजेंसी रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची, क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित रूप से अलग किया, मरम्मत कार्य पूरा किया और गैस आपूर्ति को शीघ्र बहाल कर दिया।

थिंक गैस ने बताया कि भोपाल जिले में घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) उपलब्ध कराने के लिए व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया है। पाइपलाइन मार्गों पर रूट मार्कर, चेतावनी बोर्ड और आपातकालीन संपर्क नंबर भी लगाए गए हैं, ताकि खुदाई करने वाली एजेंसियां पहले से कंपनी को सूचित कर सकें।

कंपनी ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी या निजी एजेंसी, ठेकेदार अथवा व्यक्ति को खुदाई शुरू करने से पहले ‘डायल बिफोर यू डिग’ प्रक्रिया के तहत संबंधित नगर निगम या सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को सूचना देना अनिवार्य है। इस नियम का पालन नहीं किए जाने के कारण कंपनी ने जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।

थिंक गैस ने यह भी बताया कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत इस प्रकार की अनधिकृत क्षति भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 285 और 336 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा और 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कंपनी ने सभी ठेकेदारों, निर्माण एजेंसियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले अनिवार्य रूप से थिंक गैस को सूचित करें, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और गैस पाइपलाइन को नुकसान से बचाया जा सके। इसके लिए कंपनी ने अपना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2022 99 भी जारी किया है।

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