Chhattisgarh

नीट में सफल प्रयास विद्यालय के विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय का संवाद, बोले- संवेदनशील डॉक्टर बनकर करें समाज और राष्ट्र की सेवा

0.शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेल, पर्यटन, सुशासन और विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर विद्यार्थियों के सवालों के दिए जवाब

रायपुर, 2 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रयास विद्यालयों के गरीब एवं आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों की सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित 17 प्रयास आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता का श्रेय उनके परिश्रम, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के समर्पण को दिया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर का स्थान समाज में भगवान के बाद माना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार संसाधनों का विस्तार कर रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं और 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में मेडिकल शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे एमबीबीएस की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, संस्कारित और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेंगे।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, नई शिक्षा नीति, खेल, पर्यटन, राजनीति, सुशासन, नक्सलवाद, स्वास्थ्य, स्वच्छता और विकसित छत्तीसगढ़ से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री ने सभी सवालों का विस्तार से उत्तर देते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन और निवेश की नई संभावनाएं खुली हैं, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की खेल नीति, खिलाड़ियों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि तथा जशपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आर्चरी अकादमी जैसी परियोजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सीएम हेल्पलाइन 1076 और विकसित किए जा रहे मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की जानकारी देते हुए कहा कि तकनीक आधारित पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भाव के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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