नशा मां-बाप के सपने को तोड़ देता है, युवा ड्रग्स के खतरे को समझें… एक करोड़ Gen-Z को पीएम मोदी का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (2 अगस्त) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर में युवाओं को नशे के खिलाफ संगठित करने के उद्देश्य से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने अपने संबधोन में कहा कि देश के लाखों युवाओं ने नशे से दूसर रहने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए नशे को खारिज करना होगा.
पीएम ने कहा कि युवा नशा मुक्त अभियान के लीडर हैं. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा जरूरी है. उन्होंने कहा कि देश को युवाओं की ऊर्जा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि नशा मां- बाप के सपनों को भी तोड़ देता है. नशा एक मां के सपने को चूर-चूर कर देता है. उन्होंने कहा कि नशे से एक सपने की असमय मौत हो जाती है. उन्होंने कहा कि नशे से राष्ट्र की शक्ति कमजोर हो जाती है.
‘युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझें’
उन्होंने कहा कि आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए जरूरी है देश का युवा तन-मन से स्वस्थ हो और आत्मविश्वास से भरपूर हो. उन्होंने कहा कि ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा युवाओं को दूर रहना है. यही इस अभियान का उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि हम सबको ये संकल्प लेना है कि हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझें और हर तरह से जागरूक रहें.
‘नशे को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करना है’
पीएम मोदी ने कहा कि नशे को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करना है. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ शुरू हो रहा है. उन्होंनें कहा कि सामूहिक प्रयासों में बहुत ताकत होती है और आज उसी ताकत के दम पर यह अभियान हर युवा के दिल को छूने जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश भर के लाखों युवाओं ने नशामुक्त रहने का संकल्प लिया है और आज लिया गया यह संकल्प अगले सौ हफ़्तों तक लगातार आगे बढ़ता रहेगा.
‘शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम जो अभियान देख रहे हैं, वह व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए है और सबसे बढ़कर, यह देश के लिए है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत ‘नशा-मुक्त युवा’ पहल इस आंदोलन का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है. उन्होंने कहा ‘जब देश ‘विकसित भारत’ बनने की ओर बढ़ रहा है, तो यह ज़रूरी है कि हमारे युवा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों, आत्मविश्वास से भरे हों और हमेशा नशे की जानलेवा लत से दूर रहें. यही इस अभियान का मकसद है’. उन्होंने कहा कि यह अभियान पिछले साल काशी से एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था.आज करोड़ों देशवासियों के कल्याण के लिए 125 से ज़्यादा आध्यात्मिक संगठन हमारे साथ जुड़े हैं.




