Chhattisgarh

धमतरी में साइबर जागृति अभियान: शिक्षकों का सम्मान कर पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश

धमतरी, 05 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत धमतरी पुलिस लगातार लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। इसी क्रम में आमातालाब के पास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षक सम्मान एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसपी भावना पांडेय की उपस्थिति में शिक्षकगणों का सम्मान किया गया और उन्हें साइबर जागरूकता अभियान से जोड़ा गया।

कार्यक्रम में एसपी भावना पांडेय ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, OTP, UPI फ्रॉड और APK फाइल के जरिए होने वाली साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने लोगों से OTP, UPI PIN और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान “मैं साइबर जागरूक हूं” सेल्फी अभियान भी चलाया गया। शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा के प्रति अपनी जागरूकता प्रदर्शित की। ऑनलाइन माध्यम से भी सेल्फी लेकर अभियान में सहभागिता की गई, ताकि साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। शिक्षकों ने भी आमजन से अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, मैसेज और फाइलों से सावधान रहने की अपील की। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर, साइबर प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू, उपनिरीक्षक बी.आर. सिन्हा, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक एवं साइबर टीम के सदस्य, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य, शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

धमतरी पुलिस का उद्देश्य साइबर सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। पुलिस ने नागरिकों से स्वयं साइबर जागरूक बनने और परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की है।

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