Chhattisgarh

देवभोग की शुद्धता और गुणवत्ता ने बनाई देश में अलग पहचान : मंत्री नेताम

दुग्ध किसान सम्मेलन में बोले पशुधन विकास मंत्री, उरला संयंत्र में नवीन कैंटीन का किया उद्घाटन

रायपुर, 3 सितंबर। पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि ‘देवभोग’ ब्रांड गुणवत्ता और अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है। अपनी शुद्धता और गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों के कारण देवभोग ने देश में विशिष्ट पहचान कायम की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।

मंत्री नेताम गुरुवार को दुर्ग जिले के उरला (कुम्हारी) स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित (देवभोग) द्वारा आयोजित दुग्ध किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उरला दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने संयंत्र की विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण कर वहां की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पशुपालकों के लिए मार्गदर्शिका का विमोचन

कार्यक्रम में मंत्री नेताम ने पशुपालकों के लिए तैयार विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इसके साथ ही देवभोग के रेडियो जिंगल, रिंगटोन और प्रेरक गीत भी जारी किए गए। उन्होंने कहा कि पशुपालन को किसानों की आजीविका का मजबूत आधार बनाने के लिए दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

किसानों के हितों को प्राथमिकता देने के निर्देश

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डेयरी विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि ‘देवभोग’ को देशभर में गुणवत्ता और विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित करने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक उत्पादन व्यवस्था, विपणन नेटवर्क और किसानों की भागीदारी को और मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र के विस्तार से दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी और पशुपालन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान डेयरी गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनें।

सम्मेलन में पशु चिकित्सा सेवाएं के संचालक चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान और महिला पशुपालक उपस्थित रहे।

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