घर के आंगन में पहुंचा दुर्लभ पैंगोलिन, वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक रहवास में छोड़ा

कोरबा,28 सितम्बर 2026। जिले के ग्राम पाली पढ़निया में देर रात एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यजीव भारतीय पैंगोलिन (कहट) के एक ग्रामीण के घर के आंगन में पहुंचने से लोगों में कौतूहल का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने पैंगोलिन को पकड़ने या उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम एवं रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा और सुरक्षित तरीके से पैंगोलिन का रेस्क्यू कर उसे उपयुक्त प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पाली पढ़निया निवासी रामरतन सिंह कंवर के घर के आंगन में रात करीब 12.30 बजे एक पैंगोलिन विचरण करता दिखाई दिया। अचानक घर के आंगन में दुर्लभ वन्यजीव को देखकर परिवार के सदस्यों और आसपास के ग्रामीणों में उत्सुकता पैदा हुई। हालांकि ग्रामीणों ने वन्यजीव के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे पकड़ने, घेरने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं किया और तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दी।

सूचना मिलने पर वनमंडलाधिकारी कोरबा जितेंद्र उपाध्याय के निर्देश तथा उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा के मार्गदर्शन में नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग एवं रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सावधानियां बरतते हुए पैंगोलिन को सुरक्षित रूप से पकड़ा। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि वन्यजीव को किसी प्रकार की चोट या क्षति न पहुंचे। आवश्यक विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद पैंगोलिन को उसके लिए उपयुक्त प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
भारतीय पैंगोलिन (Manis crassicaudata) वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मुख्य रूप से चींटियों और दीमकों को भोजन के रूप में ग्रहण करता है तथा प्राकृतिक रूप से इनके नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोरबा जिला अपने विस्तृत वन क्षेत्र और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में समय-समय पर पैंगोलिन की मौजूदगी दर्ज की जाती रही है।
उप वनमंडलाधिकारी मणिकांत वर्मा ने बताया कि भारतीय पैंगोलिन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार, अवैध कब्जे, अवैध व्यापार अथवा अन्य प्रकार के अपराधों पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर, खेत, गांव या जंगल के आसपास कोई वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने, घेरने, छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। वन्यजीव से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम द्वारा उसका सुरक्षित रेस्क्यू और आवश्यकतानुसार प्राकृतिक रहवास में पुनर्वास किया जा सके।
इस रेस्क्यू अभियान में गांव के निखिल कंवर, गजेंद्र कंवर, मनीष, रामरतन, सत्यम, सुशील कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने वन्यजीव को सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। ग्रामीणों की जागरूकता और संवेदनशीलता के चलते पैंगोलिन को सुरक्षित बचाकर उसके प्राकृतिक रहवास में छोड़ा जा सका।




