Chhattisgarh

कोरबा में 18 कैरेट सोने को 22 कैरेट बताकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा, 30 अक्टूबर। कोरबा पुलिस ने कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों से ठगी करने और गोल्ड लोन कंपनियों में आभूषण गिरवी रखकर ऋण प्राप्त करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक जमा पर्ची और घटना में प्रयुक्त हुंडई आई-10 कार जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार, मामले की शिकायत ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास ने सिविल लाइन रामपुर थाने में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव के इंद्रेश साहू ने 3.75 ग्राम वजन के सोने के लॉकेट को 22 कैरेट का बताकर उसकी कीमत करीब 49 से 50 हजार रुपये बताई और 45 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया। 28 अक्टूबर 2026 को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से कोरबा के घंटाघर के पास पहुंचा और 45 हजार रुपये लेकर लॉकेट दे दिया। बाद में संजय श्रीवास ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई, जहां उसके 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट सोने का होने की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी इंद्रेश कुमार साहू को उसके तीन अन्य साथियों के साथ घटना में प्रयुक्त कार सहित पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 18 या 20 कैरेट शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को 22 कैरेट का बताकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा विभिन्न गोल्ड लोन कंपनियों और वित्तीय संस्थानों में आभूषण गिरवी रखकर ऋण प्राप्त करने का भी आरोप है।

पुलिस के अनुसार, जांच में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक, आईएफएल सहित अन्य वित्तीय संस्थानों में आभूषण गिरवी रखने और ऋण लेने से संबंधित तथ्य सामने आए हैं। पुलिस आभूषणों की वास्तविक शुद्धता, हॉलमार्क की सत्यता और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

29 अक्टूबर को आरोपियों के मेमोरेंडम कथनों के आधार पर इंद्रेश कुमार साहू से 2,100 रुपये नकद और 40 हजार रुपये की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची, जबकि लिलेश्वर सिन्हा से एक हजार रुपये नकद जब्त किए गए। मनीष देवांगन से घटना में प्रयुक्त हुंडई आई-10 कार क्रमांक CG05AE-8013 बरामद की गई। वहीं, आशीष गर्ग उर्फ आशु के कब्जे से दो सोने के लॉकेट, दो जोड़ी सोने की झुमकी, तीन सोने की अंगूठियां और बैटरी से चलने वाली मिनी डिजिटल तौल मशीन जब्त की गई।

गिरफ्तार आरोपियों में इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31), निवासी ग्राम कोरबी धतुरा, जिला कोरबा; लिलेश्वर सिन्हा (52), निवासी पार्वती नगर, गुढ़ियारी, रायपुर; मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47), निवासी सुंदरनगर, रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु (29), निवासी नरेला, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले में सोने के आभूषणों के स्रोत, हॉलमार्क की सत्यता, गोल्ड लोन कंपनियों में हुए लेन-देन और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

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