बिलासपुर-अंबिकापुर NH पर भीषण सड़क हादसा, खंभे से टकराई तेज रफ्तार कार, बिहार के ट्रांसपोर्टर की मौत

कोरबा/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रतनपुर के पास भीषण सड़क हादसे में बिहार के एक ट्रांसपोर्टर की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार चला रहे ट्रांसपोर्टर के सीने में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि पूरी रात जागने के कारण वाहन चलाते समय झपकी आने से यह हादसा हुआ। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के पटना निवासी ट्रांसपोर्टर शैलेश रंजन 27 अक्टूबर को चावल लेने अंबिकापुर पहुंचे थे। उन्होंने पूरी रात जागकर अपनी निगरानी में ट्रक में चावल लोड कराया। इसके बाद अगले दिन सुबह अपनी कार क्रमांक CG 10 AN 3753 से ट्रक के पीछे-पीछे रवाना हुए।
सुबह करीब 9 बजे शैलेश रंजन बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा स्थित ऋषि फ्यूल स्टेशन के पास पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंभे से टकरा गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गंभीर चोट लगने के कारण शैलेश रंजन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि रातभर जागकर माल लोड कराने के कारण शैलेश काफी थके हुए थे। आशंका है कि वाहन चलाते समय अचानक झपकी आने से उनका कार पर नियंत्रण नहीं रहा और वाहन खंभे से जा टकराया। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे की जानकारी मृतक के परिजनों को मोबाइल फोन के जरिए मिली। मुंबई के अंधेरी वेस्ट निवासी मृतक के भतीजे आयुष हरीश सिन्हा ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 9:28 बजे उन्होंने अपने चाचा शैलेश रंजन के मोबाइल पर कॉल किया था। इस दौरान फोन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाया और बताया कि नेवसा के पास उनकी कार खंभे से टकरा गई है और चालक की मौत हो चुकी है।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन रतनपुर पहुंचे। उन्होंने मर्च्युरी में रखे शव की पहचान शैलेश रंजन के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई और पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया।
रतनपुर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान और नींद की स्थिति में वाहन चलाने के खतरों को एक बार फिर उजागर किया है।




