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केदारनाथ यात्रा फिर रोकी गई: गौरीकुंड के पास भूस्खलन से मार्ग बंद, सोनप्रयाग में गिरे पत्थर; 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की तेज बारिश के बीच भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चारधाम यात्रा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दो दिन की अस्थायी रोक के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे शुरू हुई केदारनाथ यात्रा को कुछ ही घंटों बाद फिर रोकना पड़ा। गौरीकुंड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी भूस्खलन होने से रास्ता बाधित हो गया है। वहीं सोनप्रयाग क्षेत्र में पहाड़ियों से अचानक पत्थर गिरने के बाद प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही रोक दी है।

जिला प्रशासन के मुताबिक बुधवार देर रात और गुरुवार तड़के रुद्रप्रयाग जिले के कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। गौरीकुंड के पास पैदल मार्ग पर बड़े पत्थर गिरने से यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। मार्ग को खोलने के लिए राहत और बचाव दल युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।

जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल यात्रा रोक दी गई है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें तैनात हैं। स्थिति सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

लगातार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। दोनों नदियां चेतावनी स्तर के ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

दूसरी ओर बद्रीनाथ धाम की यात्रा जारी है। चमोली जिले में भूस्खलन के कारण बाधित हुए बद्रीनाथ हाईवे को बुधवार देर रात खोल दिया गया। राहत और बचाव दलों की मदद से मार्ग बहाल किया गया है। हालांकि प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से स्थानीय अपडेट और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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