Chhattisgarh

कटघोरा वनमंडल में लोनर हाथी का आतंक, NH-130 पर मंडराने से बढ़ी चिंता; ग्रामीणों के घर और फसलों को पहुंचाया नुकसान

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में एक लोनर हाथी का आतंक लगातार जारी है। जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र और नेशनल हाईवे-130 के आसपास पहुंच रहे इस हाथी ने बीते दो दिनों में ग्रामीणों के घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हाथी के हाईवे के नजदीक पहुंचने के बाद वन विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों तथा राहगीरों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

जानकारी के अनुसार यह लोनर हाथी पहले कटघोरा वनमंडल की केंदई रेंज में सक्रिय था। एक दिन पहले यह एतमा नगर रेंज की सीमा में प्रवेश कर मड़ई-बंजारी क्षेत्र में पहुंच गया। यहां पहुंचते ही हाथी ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। मड़ई गांव में हाथी ने एक ग्रामीण के मकान को ढहा दिया, जिससे परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई।

इसके बाद बीती रात करीब 3 बजे लोनर हाथी बंजारी गांव में पहुंच गया। यहां उसने श्रवण कुमार नामक ग्रामीण के मकान को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी द्वारा और अधिक नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका थी, लेकिन वन विभाग की निगरानी टीम को इसकी जानकारी मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची और हाथी को आबादी क्षेत्र से खदेड़ दिया। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों के घर को होने वाला बड़ा नुकसान टल गया।

बंजारी गांव से वापस जंगल की ओर जाने से पहले हाथी ने दो ग्रामीणों की धान की फसल को भी रौंदकर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद रविवार सुबह करीब 8 बजे हाथी मड़ई गांव से आगे नेशनल हाईवे-130 के नजदीक पहुंच गया और कुछ समय के लिए सड़क पर भी आ गया। हाथी के हाईवे पर पहुंचने की सूचना से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि कुछ देर बाद हाथी वापस जंगल की ओर चला गया।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोनर हाथी अभी भी एनएच-130 के आसपास के जंगल क्षेत्र में मंडरा रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग की निगरानी टीम को अलर्ट किया गया है। हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग ने हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने तथा हाथी दिखाई देने पर उसके नजदीक नहीं जाने की अपील की है।

इधर, जटगा रेंज के मेड़उड़ पहाड़ क्षेत्र में मौजूद करीब 20 हाथियों के दल से तीन हाथी अलग होकर मुकुआ जंगल की ओर पहुंच गए थे। इन हाथियों ने वहां दो ग्रामीणों की बाड़ियों में लगी भुट्टा की फसल को नुकसान पहुंचाया। फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद तीनों हाथी वापस लौटे और अपने दल में शामिल हो गए।

कटघोरा वनमंडल के पसान और केंदई रेंज में भी बड़ी संख्या में हाथियों का विचरण जारी है। हाथियों के इन दलों द्वारा जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीमें हाथियों की लोकेशन पर नजर रखते हुए ग्रामीणों को सतर्क कर रही हैं।

कटघोरा वनमंडल में लगातार हाथियों की मौजूदगी और आबादी क्षेत्र के साथ-साथ एनएच-130 के आसपास उनकी गतिविधियों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विभाग द्वारा हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।

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