Chhattisgarh

कटघोरा के एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्रों का फूटा गुस्सा, कोरबा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर किया चक्का जाम, प्राचार्य पर गंभीर आरोप


कोरबा। कटघोरा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से नाराज छात्र-छात्राओं का गुस्सा शनिवार सुबह आखिरकार फूट पड़ा। विद्यालय में सुविधाओं की कमी, खराब भोजन, दुर्व्यवहार और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में विद्यार्थियों ने सुबह करीब 7 बजे कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सड़क पर छात्रों के बैठने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।


आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. असद अहमद और अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बार खाने में कीड़े तक निकल चुके हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा हॉस्टल और विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


विद्यार्थियों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने स्थानीय विधायक का काफिला रोककर विरोध प्रदर्शन किया था और अपनी मांगों से प्रशासन को अवगत कराया था। हालांकि, उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।


चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार, एसडीएम, पुलिस अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान छात्र प्राचार्य को हटाने और दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को उनकी शिकायतों की त्वरित जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया गया। कलेक्टर से बातचीत के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त किया और सड़क से हट गए।


आंदोलन समाप्त होने के बाद कटघोरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। लंबे समय तक जाम में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली। वहीं, अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि जांच में छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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