Chhattisgarh

CG NEWS : धान की रखवाली करने गए किसान की करंट से मौत…

तखतपुर,18 सितंबर । धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत की निगरानी करने निकले एक किसान की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पेंड्री और चनाडोंगरी इलाके की बताई जा रही है। हादसे के बाद खेतों में लगाई जा रही विद्युत फेंसिंग की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पहचान ग्राम पेंड्री निवासी गंगाराम कोल के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार गंगाराम चनाडोंगरी में स्थित अपने खेत की रखवाली करने के लिए गया था। धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए किसान अक्सर खेतों के आसपास तार लगाते हैं, लेकिन इसी दौरान लगाए गए विद्युत तार ने एक किसान की जान ले ली।बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 7 बजे की है। गंगाराम जिस खेत में फसल की निगरानी कर रहा था, उसके पास ही दूसरे किसान के खेत में मवेशियों को रोकने के लिए विद्युत तार लगाया गया था। इसी तार की चपेट में आने से गंगाराम को तेज करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के प्रत्यक्षदर्शी किसान महेंद्र कौशिक ने बताया कि दोनों किसान अपने-अपने खेतों में फसल की रखवाली कर रहे थे। जब उन्होंने आवाज लगाई और गंगाराम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला तो वह उसे देखने के लिए पहुंचे।

जैसे ही वह घटनास्थल के पास पहुंचे, उन्हें भी हल्का करंट महसूस हुआ।महेंद्र ने सावधानी से आगे बढ़कर देखा तो गंगाराम जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा था और उसके पैरों में विद्युत तार लिपटा हुआ था। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अपने परिवार के लोगों को दी। बाद में कोटवार के माध्यम से तखतपुर थाने को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन आरोप है कि रातभर शव खेत में ही पड़ा रहा। वहीं विद्युत तार में प्रवाह को लेकर भी तत्काल कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

सुबह पुलिस दोबारा घटनास्थल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल खेत में लगाई गई इलेक्ट्रिक फेंसिंग को लेकर उठ रहा है। यदि यह विद्युत तार अवैध तरीके से लगाया गया था तो इसे लगाने वाला कौन है? बिजली का कनेक्शन किस माध्यम से लिया गया था और ऐसी व्यवस्था पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया? इन सवालों की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में फसल को मवेशियों से बचाने के लिए कई किसान खेतों के चारों ओर तार लगाते हैं। कई बार इनमें करंट प्रवाहित कर दिया जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी व्यवस्था बेहद खतरनाक है और इससे इंसानों व जानवरों दोनों की जान को खतरा रहता है।

गंगाराम कोल अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है। उसके परिवार में पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस पिता के सहारे परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, उसकी अचानक मौत से परिवार आर्थिक और भावनात्मक संकट में आ गया है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खेत में विद्युत फेंसिंग किसने लगाई थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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