MP में अभी मानसून जारी है: राजस्थान का सिस्टम करा रहा बारिश; सुबह धूप, दोपहर बाद बारिश, 12 से नया सिस्टम

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भोपालएक घंटा पहले
मध्यप्रदेश में बीते चार दिन से अलग-अलग इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के आसपास जो भी गतिविधियां हो रही हैं, वह बारिश कराने के लिए अनुकूल हैं। राजस्थान में बने सिस्टम से द्रोणिका अरब सागर जा रही है। इसके लिए अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश को लगातार नमी मिल रही है। इससे ग्वालियर-चंबल में स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन रहा है। इससे वहां अच्छी बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक एचके पांडे ने बताया कि फिलहाल एक सप्ताह तक बारिश से मुक्ति नहीं मिलेगी।
तीन दिन तक वर्तमान सिस्टम से बारिश होगी। बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम तैयार हो गया है। यह बहुत स्ट्रॉन्ग है। इससे पहले ओडिशा और फिर छत्तीसगढ़ में बारिश होगी। इसके बाद यह मध्यप्रदेश में 12 अक्टूबर से असर दिखाना शुरू करेगा। सिस्टम स्ट्रॉन्ग होने से तीन से चार दिन अच्छी बारिश के आसार हैं।
हवाएं भी मानसून को नहीं जाने दे रही
वैज्ञानिक पांडे ने बताया कि राजस्थान में एक सिस्टम बना हुआ है। इससे एक द्रोणिका अरब सागर तक जा रही है। हवाओं की रफ्तार दक्षिण-पूर्वी होने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिल रही है। यही ग्वालियर-चंबल में एक्टिव होकर अच्छी बारिश करा रहा है। अभी तीन दिन तक इसी सिस्टम से कहीं ज्यादा कहीं रिमझिम बारिश होती रहेगी। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम एक्टिव होने लगेगा। हवाओं के दक्षिणी-पूर्वी होने से इस सिस्टम से भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
15 अक्टूबर तक यहां ज्यादा बारिश की संभावना
मध्यप्रदेश में दूसरे सिस्टम से ग्वालियर, चंबल, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अच्छी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 12 से 15 अक्टूबर तक ग्वालियर, चंबल के इलाकों में अधिक पानी गिरेगा। इसके अलावा बुंदेलखंड, और मालवा निमाड़ में कहीं-कहीं अच्छी बारिश हो सकती है।
अगस्त जैसे बन रहे हालात
प्रदेश भर में बीते 4 दिन से लगातार बारिश ने अगस्त-सितंबर जैसे हालात बना दिए हैं। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। ग्वालियर में तिघरा बांध के गेट खोलना पड़ गए हैं। बांध में एक दिन में साढ़े तीन फीट पानी आने से जलस्तर 738.50 फीट हो गया है। शिवपुरी में मड़ीखेड़ा बांध के 2 गेट खोले गए हैं। पार्वती नदी के उफनाने से श्योपुर में खातौली पुल डूब गया। पुल पर पानी होने के बाद भी उससे होकर बस निकालने वाले ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड, मुरैना और दतिया में भी बारिश हो रही है। अपर ककैटो, ककैटो और पेहसारी बांध फुल हो गए हैं। इन बांधों के फुल होने के कारण ग्वालियर शहर के 2 साल की पीने के पानी की व्यवस्था हो गई है। अकेले तिघरा के भरने से 1 साल के पीने के पानी की व्यवस्था हो जाती है।
आज भोपाल में अच्छी बारिश
मौसम विभाग ने भोपाल के पांच इलाकों में अगले 48 घंटे अच्छी बारिश होने संभावना जताई है। इस दौरान शहर के नवीबाग, बैरसिया, अरेरा हिल्स, बैरागढ़ और कोलार में सोमवार और मंगलवार को कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
अक्टूबर में सामान्य से तीन गुना बारिश हो चुकी
मध्यप्रदेश में 1 अक्टूबर से अब तक करीब पौन इंच बारिश होती है। इसके उलट अब तक करीब ढाई इंच बारिश हो चुकी है। यहां सामान्य से तीन गुना यानी 221% तक पानी गिर चुका है। हालांकि अब तक अच्छी बारिश वाले सिवनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट में मानसून ज्यादा मेहरबान नहीं रहा है। शहडोल और सिवनी में करीब 30%, छिंदवाड़ा में 40% और बालाघाट में सामान्य से 74% तक कम पानी गिरा है। इंदौर, ग्वालियर और भोपाल में 300% से ज्यादा पानी गिर चुका है, जबकि श्योपुरकलां में सबसे ज्यादा 1100 % से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
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