Chhattisgarh

SECL के जर्जर क्वार्टर में रहने को मजबूर परिवार, हादसे का मंडरा रहा खतरा

कोरबा, 01 अप्रैल।
कोरबा जिले के गेवरा कोयला खदान क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल (South Eastern Coalfields Limited) के ऊर्जानगर स्थित क्वार्टर क्रमांक बी-1/85 की जर्जर स्थिति ने एक बार फिर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उक्त क्वार्टर में निवासरत सीनियर ओवरमैन दयाशंकर मिश्रा ने सिविल विभाग, गेवरा क्षेत्र को स्मरणपत्र सौंपकर आवास में व्याप्त गंभीर समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है।

दयाशंकर मिश्रा ने अपने आवेदन में बताया कि वह पिछले कई वर्षों से इस आवास में विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में पूर्व में कई बार लिखित आवेदन, टेलीफोनिक सूचना तथा व्हाट्सएप वीडियो के माध्यम से भी अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पत्र के अनुसार, क्वार्टर में प्लिंथ लेवल की दीवारों एवं फ्लोर के जॉइंट से अत्यधिक पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे बरसात के दौरान घर के भीतर आधे से एक फीट तक पानी भर जाता है। इससे परिवार को असुरक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ता है।

सभी कमरों की छतों में लगातार सीपेज की समस्या बनी हुई है। कई कमरों की सिलिंग गिर चुकी है, जबकि कई स्थानों पर छत के हिस्से लटके हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। परिवार के सदस्यों में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इसके अलावा, एक कमरे एवं किचन की खिड़कियां टूटी हुई हैं, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं के घर में प्रवेश का खतरा बना रहता है। मेन गेट सहित कई खिड़कियों की जालियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई है। बाहरी आंगन का फर्श भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है।

आवेदक ने यह भी बताया कि नवंबर 2025 में भी इसी संबंध में शिकायत की गई थी, जिसकी प्रति वर्तमान आवेदन के साथ संलग्न है, लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

वर्तमान स्थिति में मकान के छज्जे और छत के हिस्से गिरने की स्थिति में हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में परिवार भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर है। दयाशंकर मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।

Related Articles

Back to top button