Korba Accident Breaking : कसनिया मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार को कुचला, युवक की मौत

कोरबा, 06 अक्टूबर। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों के बावजूद तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। कटघोरा-अमरकंटक मार्ग पर मंगलवार की सुबह कसनिया मोड़ के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने ओवरटेक करने के दौरान बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि हेलमेट पहने होने के बावजूद युवक की जान नहीं बच सकी।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कटघोरा से लगभग तीन किलोमीटर आगे कसनिया मोड़ पर यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रेलर ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित हो गया और बाइक सवार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद युवक सड़क पर गिर गया और भारी वाहन उसके सिर को कुचलते हुए निकल गया। हादसे की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद राहगीर और स्थानीय लोग सहम गए।
दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई, जिससे मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई। इसके बाद शव का पंचनामा तैयार कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस मृतक की पहचान की पुष्टि करने में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक के रामानुजगंज क्षेत्र का निवासी होने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रमुख मोड़ों और चौराहों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है। लोगों ने कसनिया जैसे दुर्घटनाजन्य स्थानों पर पुलिस की नियमित तैनाती, भारी वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि पिछले 24 घंटे में क्षेत्र में भारी वाहनों से जुड़ी यह तीसरी गंभीर घटना बताई जा रही है। एक दिन पहले बांकीमोंगरा क्षेत्र के पास दो बाइक सवारों को भारी वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहीं सोमवार सुबह कुसमुंडा थाना क्षेत्र की सर्वमंगला चौकी अंतर्गत मुख्य चौराहे पर ट्रेलर की चपेट में आने से बलौदा की पंचायत सचिव मंजूलता रात्रे की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




