KORBA:शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पत्नी की हत्या, पति को आजीवन कारावास

कोरबा, 28 अप्रैल 2026। जिले के कटघोरा स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने पत्नी की हत्या के एक सनसनीखेज मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 21 अप्रैल 2026 को सुनाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र के अपराध क्रमांक 613/2022 से जुड़ा है। आरोपी धरम सिंह सिदार (46 वर्ष), निवासी हरदीबाजार, थाना कुसमुंडा, ने अपनी पत्नी रजनी सिदार की हत्या कर दी थी। घटना 11 नवंबर 2022 की बताई जा रही है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी शराब का आदी था और आए दिन अपनी पत्नी से विवाद करता रहता था। घटना के दिन भी उसने शराब पीने के लिए अपनी पत्नी से पैसे मांगे थे। पत्नी द्वारा पैसे देने से मना करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। बताया गया कि आरोपी ने पहले भी कई बार अपनी पत्नी के साथ मारपीट की थी और उसका व्यवहार अक्सर आक्रामक रहता था।
घटना के दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद घर का दरवाजा खुला होने और परिस्थितियां संदिग्ध होने पर उनके बेटे को शक हुआ। उसने आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
सूचना मिलते ही कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में चालान पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य, परिस्थितिजन्य प्रमाण और गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। विशेष रूप से परिवार के सदस्यों और अन्य गवाहों के बयानों ने मामले को मजबूत आधार दिया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया।
अदालत ने अपने फैसले में माना कि आरोपी ने जानबूझकर अपनी पत्नी की हत्या की है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
इस प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय जायसवाल ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को सजा दिलाई जा सकी।




