Chhattisgarh

KORBA:गेवरा खदान में यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान शराब-नशीले पदार्थ बांटने के आरोप, CISF सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कोरबा,25 सितम्बर 2026। एसईसीएल की गेवरा परियोजना में 12 सितंबर 2026 को यूनियन वेरिफिकेशन के दौरान शराब और अन्य नशीले पदार्थ बांटे जाने के कथित आरोप को लेकर दो श्रमिक संगठनों के बीच विवाद सामने आया है। घटना को लेकर श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि गेवरा परियोजना के एक्स-वर्कशॉप गेट के समीप हुई इस घटना ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्रमिक संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, कथित घटना गेवरा खदान के CISF बैरियर के आसपास हुई, जहां सुरक्षा जांच के बाद ही कर्मचारियों और अन्य लोगों को परियोजना क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। ऐसे में संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थ वास्तव में खदान परिसर के भीतर लाए गए थे, तो वे सुरक्षा जांच से होकर कैसे अंदर पहुंचे। इस पूरे मामले की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

श्रमिक पक्ष का यह भी दावा है कि विवाद के दौरान एसईसीएल के मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक मौके पर मौजूद थे। संगठन ने आरोप लगाया है कि घटना की जानकारी और मौके पर विवाद की स्थिति के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।

संगठन ने मांग की है कि CISF बैरियर से लेकर घटनास्थल तक की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया और कथित रूप से नशीले पदार्थों के अंदर पहुंचने के आरोपों की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही घटना में शामिल बताए जा रहे लोगों तथा मामले से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल शराब और नशीले पदार्थ बांटे जाने सहित लगाए गए अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में एसईसीएल प्रबंधन, CISF अथवा संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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