Chhattisgarh

Janjgir Champa BREAKING: जिला जेल में बंद कैदी की मौत के मामले में बड़ा खुलासा, आबकारी कर्मचारियों पर हत्या का केस दर्ज

जांजगीर-चांपा, 17 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में वर्ष 2022 में जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मानवाधिकार आयोग की जांच के बाद एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आबकारी विभाग के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि जेल भेजने से पहले आबकारी कर्मचारियों ने बंदी के साथ मारपीट की थी। मामले में थाना नवागढ़ पुलिस ने धारा 302 और 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जगदीश गोंड (30 वर्ष), निवासी ग्राम कटौद, थाना नवागढ़ के रूप में हुई थी। 15 अप्रैल 2022 को आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने देवरी मोड़, केरा-बिर्रा मार्ग पर छापेमारी की थी। इस दौरान जगदीश गोंड और महादेव गोंड को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा गया था। आबकारी विभाग ने कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर भेज दिया था।

जेल में दाखिल होने के अगले ही दिन जगदीश गोंड की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद थाना जांजगीर में मर्ग क्रमांक 45/2022, धारा 174 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

मामले की जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में दर्ज चोट के निशान महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, जगदीश गोंड को जेल में दाखिल कराने से पहले आबकारी कर्मचारियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई थी। रिपोर्ट में इसी मारपीट को उसकी मौत का कारण बताया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की गई और एसडीएम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित आबकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज करने की कार्रवाई की गई।

जांजगीर-चांपा पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी में बताया कि थाना नवागढ़ में संबंधित आबकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की विवेचना कर रही है। वर्ष 2022 में हुई इस घटना में करीब साढ़े चार साल बाद हत्या का मामला दर्ज होने से प्रकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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