रायगढ़ में जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला गिरफ्तार, पुलिस कार्यालय में पेट्रोल की बोतल लेकर किया हंगामा, भेजा गया जेल

रायगढ़, 17 जुलाई 2026। रायगढ़ पुलिस ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन कर पुलिस कार्यालय परिसर में हंगामा करने वाले कुख्यात आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी पर जिला दंडाधिकारी के निष्कासन आदेश की अवहेलना करने, कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने और पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की शाम चाहत शुक्ला पुलिस कार्यालय परिसर पहुंचा और कोतवाली पुलिस द्वारा उसके खिलाफ बार-बार जिला बदर की कार्रवाई किए जाने को लेकर जोर-जोर से शोर-शराबा और हंगामा करने लगा। उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें पेट्रोल भरा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसकी बोतल सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में ले ली, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इसी दौरान कोतवाली थाना की पेट्रोलिंग टीम भी पुलिस कार्यालय पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी को शांत रहने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लगातार अभद्र व्यवहार करता रहा और अधिक उग्र हो गया। संभावित संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया और इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
17 जुलाई 2026 को आरोपी को एसडीएम कार्यालय रायगढ़ में पेश किया गया। वहां से जारी जेल वारंट के आधार पर उसे जिला जेल रायगढ़ भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य (29 वर्ष), पिता अरुण शुक्ला, निवासी रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे, थाना कोतवाली, रायगढ़, वर्ष 2023 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ मारपीट समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए वर्ष 2024 में उसे एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया था। जिला बदर की अवधि पूरी होने के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया। वर्ष 2025 में मारपीट के एक अन्य मामले के बाद उसके खिलाफ दोबारा जिला बदर की कार्रवाई का प्रस्ताव जिला दंडाधिकारी को भेजा गया था।
इसके बाद 23 मार्च 2026 को जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं 5 (ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए चाहत शुक्ला को रायगढ़ सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिलों की सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित (जिला बदर) कर दिया था।
इसके बावजूद आरोपी ने जिला बदर आदेश का उल्लंघन करते हुए रायगढ़ जिले में प्रवेश किया और पुलिस कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने, लोक शांति भंग करने का प्रयास करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ रायगढ़ पुलिस तत्काल और कठोर वैधानिक कार्रवाई करेगी।



