Chhattisgarh

CG BREAKING: 9वीं की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, बहला-फुसलाकर ले जाने और कई दिनों तक बंधक बनाकर ज्यादती करने का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

कांकेर, 12 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। यहां नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, कई दिनों तक बंधक बनाकर रखने और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। घटना सामने आने के बाद पीड़िता के परिजनों ने पखांजूर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुजीत मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मामला कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि सुजीत मल्लिक ने नौवीं कक्षा में अध्ययनरत नाबालिग छात्रा को पहले अपने झांसे में लिया और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने छात्रा को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने तत्काल पखांजूर पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग छात्रा से जुड़े गंभीर आरोपों को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सुजीत मल्लिक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस कार्रवाई के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ दर्ज अपराध की धाराओं, घटना की सटीक तारीख और जांच से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट होने की संभावना है।

नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ इस तरह की घटना के आरोप सामने आने से बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष रूप से नाबालिगों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उनके शोषण के मामलों में समय पर शिकायत तथा पुलिस कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिलहाल इस मामले में आरोपी सुजीत मल्लिक की गिरफ्तारी हो चुकी है और उसे जेल भेजे जाने की जानकारी मिली है। वहीं, पीड़िता की पहचान और उससे जुड़ी निजी जानकारियों को गोपनीय रखा जाना आवश्यक है। मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही अंतिम रूप से स्पष्ट होगी।

नाबालिग छात्रा से जुड़े इस गंभीर मामले में अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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