CG ब्रेकिंग: जिला अस्पताल के ब्लड सेंटर में बड़ी लापरवाही, प्रभारी एमएलटी निलंबित; एक्सपायर्ड ब्लड बैग और रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मामला

जशपुर, 12 जून । जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के मामले में कलेक्टर रोहित व्यास ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए प्रभारी मेडिकल लैब टेक्नीशियन (एमएलटी) पुरूषोत्तम कुंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में ब्लड सेंटर के संचालन में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
प्रशासनिक जांच के दौरान पाया गया कि ब्लड सेंटर में एक्सपायर्ड हो चुके ब्लड बैग को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट (डिस्कार्ड) नहीं किया गया था। इसके अलावा कुछ ब्लड बैग के गायब होने की जानकारी भी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। जांच में दस्तावेजों और अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के तथ्य भी सामने आए हैं, जिसे प्रशासन ने बेहद गंभीर माना है।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि ब्लड सेंटर के संचालन में निर्धारित नियमों, मानकों और प्रोफेशनल एथिक्स का पालन नहीं किया गया। संबंधित कर्मचारी द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे ब्लड सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि नोटिस के जवाब का परीक्षण करने के बाद प्रशासन ने उसे असंतोषजनक पाया। इसके बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत निलंबन की कार्रवाई की।
निलंबन आदेश में कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि संबंधित कर्मचारी की कार्यशैली और लापरवाही के कारण मरीजों के स्वास्थ्य एवं जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। साथ ही इस घटना से जिला चिकित्सालय और जिला प्रशासन की छवि भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने इसे गंभीर कदाचार, अनुशासनहीनता तथा शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही की श्रेणी में माना है।
जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान पुरूषोत्तम कुंवर का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




