जांजगीर-चांपा में शराब पीने के बाद पार्षद समेत दो की संदिग्ध मौत, 10 लाख के लेन-देन का विवाद आया सामने, दो संदेही पुलिस अभिरक्षा में

जांजगीर-चांपा, 24 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में शराब सेवन के बाद पार्षद समेत दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। घटना 23 अक्टूबर की रात की है। प्रारंभिक पुलिस जांच में करीब 10 लाख रुपये के आर्थिक लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस शराब में जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की आशंका सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में दो संदेहियों को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पामगढ़ के वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद रामखिलावन जांगड़े, ग्राम पनगांव निवासी जोहित खरे, राजा खरे और मुकेश कश्यप सहित चार लोगों ने पामगढ़ स्थित शराब दुकान से इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की अंग्रेजी शराब की तीन बोतलें खरीदी थीं। शराब सेवन के बाद पार्षद रामखिलावन जांगड़े और जोहित खरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आर्थिक लेन-देन से जुड़ा महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मृतक जोहित खरे ने राजा खरे को करीब 10 लाख रुपये उधार दिए थे। जोहित द्वारा लगातार रकम वापस मांगने की बात सामने आई है। पुलिस इस विवाद को भी संदिग्ध मौतों से जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों की मौत शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पामगढ़ पुलिस ने राजा खरे और मुकेश कश्यप को अभिरक्षा में रखा है। राजा खरे वर्तमान में बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती है, जहां पुलिस की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्तियों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। शराब के नमूनों की जांच, संबंधित लोगों के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आर्थिक विवाद के साथ ही संभावित साजिश के पहलू की भी जांच कर रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




